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‘भाई प्लीज, मेरा वीडियो वायरल मत…’ गोरखपुर में साइबर ठगी से परेशान युवती ने दी जान, मां को भेजा आखिरी संदेश
गोला,गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में साइबर ठगी और कथित सेक्सटॉर्शन का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। गोला थाना क्षेत्र के एक गांव की 27 वर्षीय युवती ने गुरुवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक, अज्ञात साइबर ठग अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपये मांग रहे थे। युवती कुछ किस्तों में ₹60,000 से ज़्यादा भेज चुकी थी। रुपये देना बंद करने पर दबाव और धमकियां तेज़ हुईं और अंततः उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, शुक्रवार शाम अंत्येष्टि कर दी गई।
मुख्य बातें (Key Points)
- पीड़िता ने मां को संबोधित आख़िरी वीडियो संदेश भेजा: “अम्मा, माफ करना… इन्होंने वीडियो बनाकर बहुत परेशान किया… भाई प्लीज, वीडियो वायरल मत करना।”
- अज्ञात इंटरनेट नंबरों से कॉल/मैसेज; रुपये न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी।
- मोबाइल से ऑडियो-वीडियो, चैट स्क्रीनशॉट और कई साक्ष्य पुलिस को मिले।
- परिवार का आरोप: जालसाजों ने वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग/एआई फोटो से ब्लैकमेल किया।
- SP साउथ जितेंद्र कुमार: मामला साइबर ठगी का; साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- विशेषज्ञ सलाह: रुपये न भेजें, साक्ष्य सुरक्षित रखें, तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत/ 1930 पर कॉल करें।
घटना की टाइमलाइन: क्या-क्या हुआ?
- पिछले कुछ हफ्ते: अज्ञात इंटरनेट नंबरों से बार-बार कॉल/वीडियो कॉल; भरोसा जीतकर बात-चीत।
- धीरे-धीरे दबाव: कथित तौर पर वीडियो कॉल/स्क्रीन रिकॉर्डिंग और एआई-जनरेटेड तस्वीरों से ब्लैकमेल।
- कई किस्तों में भुगतान: परिजनों के अनुसार ₹60,000+ भेजे; फिर भी मांग जारी।
- गुरुवार रात ~9 बजे: घर के कमरे में फांसी; परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
- शुक्रवार: अंतिम संस्कार; भाई ने चौकी इंचार्ज को तहरीर देकर न्याय की मांग की।
आख़िरी वीडियो/ऑडियो में क्या कहा?
युवती गिड़गिड़ाते हुए कहती दिखती है: “भाई प्लीज, वीडियो वायरल मत करना… थोड़ा समय दो, इंतज़ाम करके भेजती हूं… मैंने आपको अपना समझकर भरोसा किया।”
एक अन्य क्लिप में वह कहती है: “कहते थे मैं तुम्हारा हसबैंड हूं, तुम मेरी वाइफ… जो फोन पर कहते गए, करती गई… पता ही नहीं चला कि वीडियो बन रहा है।”
परिवार का दावा है कि मौत के बाद भी उसके फोन पर कॉल आई; जब घरवालों ने उठाया तो उधर से रुपये भेजने का दबाव बनाया गया।
पुलिस की कार्रवाई
गोला थाना प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह साइबर ठगी का मामला है; तहरीर मिल गई है, मोबाइल के साक्ष्यों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने कहा, “मामले की जांच की जा रही है। केस दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।”
प्राइवेसी नोट: कानूनी और नैतिक कारणों से पीड़िता/परिजनों की पहचान छिपाई गई है। किसी भी अश्लील/अपमानजनक कंटेंट को शेयर करना दंडनीय अपराध है।
जागरूकता बॉक्स: अगर कोई “वीडियो वायरल” करने की धमकी दे तो क्या करें?
- रुपये न भेजें: एक बार पैसा देने पर मांग रुकती नहीं; दबाव बढ़ता है।
- साक्ष्य सुरक्षित रखें: कॉल लॉग, नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट, ट्रांज़ैक्शन डिटेल, स्क्रीन रिकॉर्ड—सब सेव करें।
- तुरंत शिकायत करें:
- पोर्टल: cybercrime.gov.in
- हेल्पलाइन: 1930 (राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग)
- नज़दीकी थाने/साइबर सेल में लिखित शिकायत दें।
- नंबर/आईडी ब्लॉक करें, पर साक्ष्य डिलीट न करें।
- परिवार/विश्वसनीय व्यक्ति को बताएं; अकेले न झेलें।
- सोशल/वीडियो कॉल सावधानी: अनजान आईडी, लिंक, स्क्रीन-शेयर/कैमरा ऑन करने में सतर्क रहें; निजी क्षण रिकॉर्ड होकर सेक्सटॉर्शन में बदल सकते हैं।
पृष्ठभूमि: “सेक्सटॉर्शन” कैसे काम करता है?
जालसाज पहले दोस्ती और भरोसा बनाते हैं, फिर वीडियो कॉल/स्क्रीन रिकॉर्डिंग या एआई-जनित तस्वीरों से धमकी देकर उगाही करते हैं। अक्सर अज्ञात/इंटरनेट नंबर, फर्जी प्रोफाइल और डिजिटल वॉलेट/खातों का प्रयोग होता है। ऐसे मामलों में समय पर रिपोर्टिंग से कई बार रकम का ट्रेस और आरोपियों की पहचान संभव होती है।
कॉल टू एक्शन (CTA)
यदि आप या आपका कोई जानने वाला साइबर ब्लैकमेल का सामना कर रहा है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करें।
नोट/डिस्क्लेमर
- लेख में उल्लेखित बयान परिवार/पुलिस/वीडियो क्लिप से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित हैं। संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए पहचान गोपनीय रखी गई है।
- आत्महत्या एक संवेदनशील विषय है; कृपया इस खबर को जिम्मेदारी से शेयर करें।
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