गोरखपुर शहर
15 दिन की डेडलाइन: गो संरक्षण में ढिलाई पर CDO सख्त, तालनदौर केन्द्र को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश
गोरखपुर के तालनदौर वृहद गो संरक्षण केन्द्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त न मिलने पर सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। निरीक्षण के दौरान एप्रोच रोड, पानी और आवागमन को प्राथमिकता में सुधार के निर्देश दिए गए।
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद में निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के साथ वृहद गो संरक्षण केन्द्र तालनदौर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान खण्ड विकास अधिकारी पिपरौली एवं पशु चिकित्साधिकारी पिपरौली भी मौके पर मौजूद रहे। केन्द्र में अव्यवस्थाएं सामने आने पर सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में 15 दिन के भीतर गो संरक्षण केन्द्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि तय समय-सीमा में सुधार न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एप्रोच रोड बनी संचालन में बड़ी बाधा
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने गोवंश के आवास, चारा-पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई और आवागमन की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि केन्द्र तक पहुंचने वाला एप्रोच मार्ग जर्जर हालत में है, जिससे गौशाला के संचालन में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीडीओ ने खण्ड विकास अधिकारी पिपरौली को तत्काल खड़ंजा निर्माण कराने और कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
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पानी और आवागमन को बताया सबसे अहम
मुख्य विकास अधिकारी ने यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियन्ता को भी निर्देशित किया कि पानी की चरही के पास क्षतिग्रस्त खड़ंजे की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशाला के सुचारु संचालन के लिए पानी और आवागमन की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है। इनमें किसी भी तरह की कमी सीधे तौर पर गोवंश की देखभाल और संरक्षण को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
समन्वय से होगा निराश्रित गोवंश का संरक्षण
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि सरकार की मंशा निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने और उनके समुचित पालन-पोषण को सुनिश्चित करने की है। इसके लिए पशुपालन विभाग, ग्राम विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन की समय-सीमा के भीतर सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि गौशाला में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त चारा व्यवस्था, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। सीडीओ ने कहा कि केन्द्र के पूरी तरह क्रियाशील होने से सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
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