आस्था
रक्षाबंधन 9 अगस्त को बहनें सुबह 5:47 से दोपहर 1:24 तक बांध सकेंगी राखी, शुभ योगों से और भी खास होगा यह पर्व
नई दिल्ली, 08 अगस्त 2025
भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस साल शनिवार, 9 अगस्त 2025 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा काल के साये से मुक्त रहेगा, जिससे बहनें बिना किसी बाधा के रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा को निभा सकेंगी।
🔸 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 7 घंटे 37 मिनट तक
ज्योतिषियों के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय सुबह 05:47 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक रहेगा। यानी कुल 7 घंटे 37 मिनट तक बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। इस दौरान पूजा-पाठ और तिलक करने की सभी परंपराएं भी निभाई जा सकती हैं।
🔸 भद्रा काल समाप्त होने के बाद शुरू होगा मुहूर्त
हालांकि रक्षाबंधन से एक दिन पहले 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से लेकर 9 अगस्त की रात 1:52 बजे तक भद्रा काल रहेगा, लेकिन यह शुभ मुहूर्त शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए इस साल का रक्षाबंधन पूरी तरह भद्राकाल से मुक्त और शुभ रहेगा।
🔸 इस बार बन रहे हैं तीन शुभ योग:
इस बार रक्षाबंधन के दिन तीन विशेष शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस पर्व की पवित्रता और फल को और भी बढ़ा देंगे:
- सौभाग्य योग: जीवन में सौभाग्य और सुख-समृद्धि लाता है
- शोभन योग: शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी कार्यों में सफलता देने वाला योग
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ योगों में राखी बांधना अत्यंत फलदायी होता है।

🔸 ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा
पर्व की शुरुआत सुबह स्नान और ईष्ट देवता के पूजन के साथ करें। इसके बाद एक थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दही, मिठाई और राखी रखें। एक घी का दीपक जलाएं। भाई को पूर्व या उत्तर दिशा में बैठाएं और बहनें उनके माथे पर तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधें।
राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना शुभ माना गया है:
- पहली गांठ – भाई की लंबी उम्र के लिए
- दूसरी गांठ – जीवन भर सुरक्षा का वचन लेने के लिए
- तीसरी गांठ – आपसी प्रेम और मधुरता के लिए
इसके बाद आरती करें, मिठाई खिलाएं और भाई बहन को उपहार भेंट करें। साथ ही माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना न भूलें।
🔸 भावनाओं का पर्व है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह संवेदनाओं और रिश्तों की गहराई को दर्शाने वाला त्योहार है। यह दिन भाई और बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के बंधन को और भी मजबूत करता है।
🔍 रक्षाबंधन 2025 के मुख्य तथ्य एक नजर में:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| तिथि | 9 अगस्त 2025 (शनिवार) |
| श्रावण पूर्णिमा आरंभ | 8 अगस्त, दोपहर 2:12 बजे |
| श्रावण पूर्णिमा समाप्त | 9 अगस्त, दोपहर 1:24 बजे |
| भद्रा काल | 8 अगस्त 2:12 PM से 9 अगस्त 1:52 AM |
| राखी बांधने का मुहूर्त | सुबह 05:47 से दोपहर 01:24 तक |
| शुभ योग | सौभाग्य योग, शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग |
रक्षाबंधन 2025 में ना केवल भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, बल्कि योग भी विशेष हैं। ऐसे में यह पर्व पूरे आत्मविश्वास और उल्लास से मनाने का समय है।
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