अपराध
गोरखपुर में जमीन विवाद बना जानलेवा, बेटे की हत्या मामले में एक ही परिवार के चार सदस्य गिरफ्तार
गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते युवक की हत्या हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के दो पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
गोरखपुर: झंगहा थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़ा पुराना विवाद एक बार फिर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी 12 बोर एक नाली बंदूक, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष झंगहा अनूप कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुकदमा संख्या 36/2026 से जुड़े अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज निषाद, अविनाश उर्फ मकालू, कलावती देवी और रुबी के रूप में हुई है। सभी अभियुक्त ग्राम बड़की दुबौली, थाना झंगहा के निवासी बताए जा रहे हैं।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
पुलिस के मुताबिक, घटना 25 जनवरी 2026 की है। वादी द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि जमीन विवाद को लेकर अभियुक्तों ने एक राय होकर गाली-गलौज शुरू की और जान से मारने की धमकी देते हुए असलहे व धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में वादी का पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस संबंध में थाना झंगहा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुरानी रंजिश और आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य अभियुक्त सूरज निषाद और अविनाश उर्फ मकालू का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ वर्ष 2011 में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले दर्ज हैं। वहीं कलावती देवी भी पहले ऐसे ही एक प्रकरण में नामजद रह चुकी हैं। इससे साफ है कि यह वारदात पुरानी रंजिश और जमीन विवाद का परिणाम है।
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पुलिस ने बताया कि बरामद की गई बंदूक लाइसेंसी है, लेकिन उसका इस्तेमाल हत्या जैसे गंभीर अपराध में किया गया, जिसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद को लेकर बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था की चुनौती को एक बार फिर उजागर करती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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