उत्तर प्रदेश
पंचायत चुनाव में बीएलओ की जिम्मेदारी अब शिक्षामित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवक संभालेंगे कमान
गोरखपुर, जुलाई 18: आगामी पंचायत चुनावों को लेकर इस बार प्रशासन ने एक अहम बदलाव किया है। भारत निर्वाचन आयोग के नवीन निर्देशों के अनुसार, अब मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं और सफाई कर्मचारियों से हटाकर शिक्षामित्रों, पंचायत मित्रों और ग्राम सेवकों को दी जाएगी। इन कर्मचारियों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में मान्यता दी जाएगी और उन्हें अधिकृत आईडी भी जारी की जाएगी।
यह निर्णय गोरखपुर के सदर तहसील सभागार में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के 321 सुपरवाइजरों की बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता अपर उप जिलाधिकारी सदर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) आरती साहू ने की।
गोरखपुर पंचायत चुनाव 2025: बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए। इस कार्य में अब आशा और सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी, जिससे वे अपनी स्वास्थ्य और सफाई की जिम्मेदारी पर पूरा ध्यान दे सकें। पंचायत चुनाव को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए बीएलओ का कार्य ग्राम स्तर पर शिक्षामित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवक को सौंपने से काम में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी।
अधिक जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
BLO की नई भूमिका क्यों?
बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पंचायत चुनावों को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए यह बदलाव जरूरी था। गोरखपुर पंचायत चुनाव 2025 में मतदाता सूची का पुनरीक्षण, त्रुटियों का सुधार और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया अब और अधिक सुचारू तरीके से की जाएगी।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि आशा और सफाई कर्मचारी अब अपनी मूल जिम्मेदारियों — यानी स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता कार्यों — पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।
क्यों चुने गए शिक्षामित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवक?
इन कर्मियों को उनके स्थानीय स्तर पर सक्रिय और स्थायी भूमिका को देखते हुए BLO नियुक्त किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में रहने और कार्य करने के कारण ये मतदाता सूची को बेहतर समझ सकते हैं और अधिक पारदर्शी ढंग से कार्य कर सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि इससे न सिर्फ पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज़ होगी, बल्कि ग्राम स्तर पर जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
आगे की प्रक्रिया
- सभी नामित BLO को प्रशिक्षण दिया जाएगा
- उन्हें अधिकारिक पहचान पत्र व दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे
- गांव-गांव जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा
- 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी जबरन इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा, और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
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