गोरखपुर शहर
गोरखपुर में CISF जवान की हत्या: सिर पर वार कर फेंकी लाश, तिरंगे में लिपटा शव पहुंचा घर
गोरखपुर में छुट्टी लेकर घर लौट रहे CISF जवान कर्मवीर यादव की हत्या कर शव बोक्टा-बरवार बांध के किनारे फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम में सिर पर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस किराये की गाड़ी और टोल प्लाजा के CCTV फुटेज से सुराग तलाश रही है।
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र में छुट्टी लेकर घर लौट रहे CISF जवान की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 38 वर्षीय कर्मवीर यादव का शव 4 अक्टूबर की देर रात कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे अचेत अवस्था में मिला था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जवान के सिर पर चोट के निशान मिले हैं और सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद मृतक के पिता दिनेश चंद्र यादव की तहरीर पर गीडा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेटी से बात करना चाहते थे कर्मवीर, पत्नी ने 55 बार किया फोन
कर्मवीर यादव का शव जब तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी प्रतिमा ने बताया कि धनबाद से घर के लिए निकलने से पहले पति का फोन आया था। उन्होंने बेटी से बात करने की इच्छा जताई थी।
उस समय उनकी 12 वर्षीय बेटी रिया सो रही थी, इसलिए प्रतिमा उसे जगाने नहीं गईं। इसके बाद उन्होंने पति के मोबाइल पर करीब 55 बार फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
प्रतिमा ने बताया कि बाद में देवर के जरिए कर्मवीर के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली। परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां कर्मवीर का शव सफेद कपड़े में लिपटा हुआ था। इसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। कर्मवीर की बेटी रिया सातवीं कक्षा में पढ़ती है और वह बार-बार अपनी मां को चुप कराने की कोशिश करती रही।
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ट्रेन छूटने के बाद किराये की गाड़ी से लौट रहे थे
परिजनों के मुताबिक, कर्मवीर यादव रविवार को छुट्टी लेकर गांव लौट रहे थे। उनकी ट्रेन छूट गई थी, जिसके बाद उन्होंने किराये की गाड़ी से घर आने का फैसला किया।
रविवार देर रात करीब 12 बजे कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे वह अचेत अवस्था में मिले। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
जेब से मिले CISF के पहचान पत्र के आधार पर उनकी पहचान हुई। कर्मवीर की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। वह दो साल से धनबाद में CISF में दीवान पद पर तैनात थे। उनके तीन भाई धर्मवीर, उदयवीर और रणवीर हैं।
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किराये की गाड़ी और टोल प्लाजा के CCTV से सुराग तलाश रही पुलिस
हत्या की जांच में पुलिस अब कर्मवीर के धनबाद से गोरखपुर आने के सफर पर फोकस कर रही है। जिस किराये की गाड़ी से वह गांव लौट रहे थे, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गाड़ी में कर्मवीर के अलावा और कौन-कौन लोग सवार थे और रास्ते में वाहन किन-किन स्थानों पर रुका था। कालेसर और आसपास के टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी।
पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों से गाड़ी की आवाजाही के साथ-साथ घटना से जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
गीडा की सीओ आभा सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और मृतक के संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्मवीर यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस और CISF के जवान मौजूद रहे। उनके पिता दिनेश चंद्र यादव ने मुखाग्नि दी।
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