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गोरखपुर में बाढ़ का कहर: कौड़ीराम से गोरखपुर मार्ग पर जाने वाली बड़ी वाहनों को किया जा रहा डायवर्ट |बहुत आवश्यक कार्य हो तभी जाएं शहर-
गजपुर/गोरखपुर।
गोरखपुर सहजनवा रोड पर नौसड से आगे कोलिया के पास बंधे से पानी का तेज़ रिसाव हो रहा है। कालेसर से गोरखपुर की तरफ आने वाले बड़े वाहनों को रोका गया। टोल प्लाजा की तरफ से निकाले जा रहे हैं बड़े वाहन।
भरवलिया बसावनपुर रिंग बांध नदी के बढ़ते जलस्तर के दबाव को नहीं झेल पाया और टूट गया है। ग्रामीणों ने रिंग बांध को बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन तेज रिसाव के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। दोनों गांव के लोग अपने अपने सामानों को लेकर मेन बंधे पर शरण और अगल बगल किसी ऊंचे स्थानों पर अपने अपने सामानों को लेकर पहुंच रहे हैं। इन दोनों गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अपने अपने सामानों के साथ निकल रहे हैं। अभी कुछ ही देर में दोनों गांव जलमग्न हो जाएंगे ।इन दोनों गांवों का संपर्क अन्य लोगों से टूट जाएगा।बतादें कि रात में ही रिसाव शुरू हुआ था इन दोनों गांव के लोगों ने रिसाव को बंद करने का भरपूर प्रयास किया था। इसकी सूचना भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यकारिणी सदस्य राजेश सिंह राजन ने दी है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही हम लोग रात्रि में ही रिंग बांध को बचाने का भरपूर प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। श्री सिंह ने बताया कि दोनों गांव के लोगों को निकालने के लिए यथासंभव प्रयास किया जा रहा है।
गोरखपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बंधों पर दबाव बढ़ गया है। बुधवार को गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर बगहा वीर बाबा मंदिर के समीप आमी और राप्ती का पानी आ जाने से बड़े वाहनों के आवागमन रोक दिया गया। बरही-सेमरौना तटबंध, कोठा-रकहट बांध और रकहट-असवनपार बांध पर राप्ती का दबाव पड़ रहा है। बिनहा रिंग बांध टूट जाने से बाढ़ का पानी आसपास के इलाके में फैल गया है। लोग घर-बार छोड़कर पशुओं को लेकर ऊचे स्थानों पर आ गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। मदद के लिए 240 से अधिक नावें लगाई गई हैं।
गोरखपुर में दर्जनों स्थानों पर बंधों में रिसाव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों के बीच दहशत है। राप्ती और आमी का पानी गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर पहुंच गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया है। गाड़ियां डायवर्ट की जा रही हैं। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीरनगर और बस्ती में भी नदियों का विकराल प्रवाह है। सैकड़ों गांव पानी से घिरे हैं।

