उत्तर प्रदेश
दीपक मीणा बने गोरखपुर के नए जिलाधिकारी, मेरठ-सिद्धार्थनगर में शानदार सेवाओं के बाद नई जिम्मेदारी
गोरखपुर | 29 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईएएस अधिकारी दीपक मीणा को गोरखपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है। 2011 बैच के इस अधिकारी की यह लगातार पांचवीं DM पोस्टिंग है। मेरठ, सिद्धार्थनगर और गाजियाबाद जैसे जिलों में सफल कार्यकाल के बाद अब उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद की कमान सौंपी गई है।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज द्वारा जारी सूची के अनुसार, कुल 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें गोरखपुर सहित 10 जिलों में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
🎓 IITian से IAS तक: दीपक मीणा का सफर
राजस्थान के मूल निवासी दीपक मीणा का जन्म 15 जुलाई 1986 को हुआ। उन्होंने IIT खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और टाटा स्टील में काम करते हुए UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2011 में सफलता प्राप्त की। वे उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं और अब तक कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं।
🧑💼 प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्टता
दीपक मीणा का प्रशासनिक करियर 2012 में आजमगढ़ में जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद वह अलीगढ़, सहारनपुर में भी इसी पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने बुलंदशहर, मैनपुरी, अलीगढ़, आगरा और सहारनपुर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में भी कार्य किया है।
📍 जिलाधिकारी के रूप में अनुभव
- श्रावस्ती (2017–2019): बुनियादी ढांचे के विकास पर फोकस
- सिद्धार्थनगर (2019–2022): प्रधानमंत्री से विकास कार्यों के लिए पुरस्कार
- मेरठ (2022–2025): मेरठ महोत्सव का सफल आयोजन, महायोजना 2031 की स्वीकृति
- गाजियाबाद (जनवरी–जुलाई 2025): जनसुनवाई और शिकायत निवारण में सराहनीय पहल
- गोरखपुर (जुलाई 2025–अब): अब नई जिम्मेदारी
🏆 उपलब्धियां जो चर्चा में रहीं
सिद्धार्थनगर में दीपक मीणा ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त किया।
मेरठ में “मेरठ महोत्सव” जैसे आयोजनों, मेरठ महायोजना 2031 को मंजूरी और कलेक्ट्रेट परिसर के पुनर्विकास जैसे प्रयासों को लेकर वे चर्चित रहे।
गाजियाबाद में उन्होंने जनता दर्शन और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र को प्राथमिकता दी, जिससे आमजन में उनकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता बढ़ी।
🏙 गोरखपुर में चुनौतियाँ और संभावनाएं
गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है, जो प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला माना जाता है। दीपक मीणा से जनसुनवाई को सशक्त करने, विकास कार्यों को गति देने और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में ठोस कदमों की उम्मीद की जा रही है। उनकी 24×7 जनता के लिए उपलब्धता और सुगठित प्रशासनिक शैली इस दिशा में सहायक साबित हो सकती है।
⚠️ एक विवाद, जो शांतिपूर्वक सुलझाया
2024 में मेरठ में एक प्रोटोकॉल विवाद को लेकर प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह सैनी से उनका मामूली टकराव चर्चा में आया था, जिसे उन्होंने बिना किसी टकराव के कुशलता से संभाल लिया।
🔁 यूपी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल
उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात 23 आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया, जिसमें 10 जिलों के डीएम बदले गए।
- गोरखपुर: दीपक मीणा
- गाजियाबाद: रवींद्र कुमार मंडर
- प्रयागराज: मनीष कुमार वर्मा
- गौतमबुद्धनगर: मेधा रूपम
- बहराइच: मोनिका रानी (नई जिम्मेदारी: बेसिक शिक्षा विभाग)
- गोंडा: नेहा शर्मा (नई जिम्मेदारी: महानिरीक्षक, निबंधन)
इस फेरबदल को योगी सरकार की प्रशासनिक कुशलता को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

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