अपराध
रिपोर्ट के नाम पर लेखपाल पर पैसे मांगने का आरोप, वायरल वीडियो में बोले “कम से कम 1000 तो लगेंगे”
गोरखपुर के भटहट ब्लॉक में लेखपाल पर रिपोर्ट के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लेखपाल कथित रूप से “1000 रुपये” की बात कहते नजर आ रहे हैं।
गोरखपुर: सदर तहसील क्षेत्र के भटहट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत समदार बुजुर्ग में तैनात लेखपाल सुरेंद्र नारायण का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लेखपाल पर रिपोर्ट लगाने के बदले ग्रामीणों से पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल की कथित रूप से बार-बार पैसों की मांग से वे लंबे समय से परेशान थे। इसी वजह से ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वरासत सहित अन्य छोटी-मोटी रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल नियमित रूप से धनराशि की मांग करते हैं।
उरुवा बाज़ार नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में हंगामा, सभासदों पर अभद्रता के आरोप, थाने में दी गई शिकायत
ग्राम पंचायत समदार बुजुर्ग के प्रधान संजय सिंह ने बताया कि लेखपाल सुरेंद्र नारायण रिपोर्ट लगाने के नाम पर लोगों से पैसे मांगते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। प्रधान के अनुसार, इसी शिकायत के चलते यह मामला सामने आया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति लेखपाल को रिपोर्ट के बदले 200 रुपये देता है। इस पर लेखपाल कहते हुए सुनाई देते हैं कि वह तीन बार जांच के लिए आ चुके हैं, इसलिए “कम से कम 1000 रुपये तो बनते ही हैं।”
करीब आठ मिनट लंबे इस वीडियो के दूसरे हिस्से में लेखपाल काले चश्मे में लोगों से अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह एक पूर्व प्रधान से यह कहते हुए दिखाई देते हैं कि यदि लोगों ने गलत किया है तो उन्हें पैसे देने होंगे, अन्यथा रिपोर्ट गलत लगा दी जाएगी।
वहीं, पूरे मामले पर सफाई देते हुए लेखपाल सुरेंद्र नारायण ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह वीडियो एक साजिश के तहत बनाया गया है और सामान्य बातचीत के दौरान उनकी जानकारी के बिना वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह का असमय निधन
फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
