उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में अब अफसर-कर्मियों के रिश्तेदार अब ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों में नहीं कर सकेगें सामान आपूर्ति
पूर्वांचल भारत न्यूज़
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश की ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों में सामग्री और सेवाओं की आपूर्ति प्रधानों, ब्लाक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों और पंच व सदस्यों के साथ ही विभागीय अफसरों व कर्मचारियों या उनके रिश्तेदारों की संबंधित फर्मों से करवाने पर रोक लगा दी गई है। इस बारे में मंगलवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आदेश जारी किया है।
इस आदेश के अनुसार दोनों वित्त आयोग के बजट से मैटीरियल, ईंधन, स्टेशनरी और अन्य सामग्री तथा सेवाओं की आपूर्ति के लिए पंचायतीराज विभाग से जुड़े पदाधिकारियों ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य के नजदीकी रिश्तेदारों से न करवाई जाए। इसी तरह जिला पंचायत कर्मी, अधिकारी, सचिव के रिश्तेदारों से भी यह काम न करवाया जाए।
रिश्तेदारों में कई रिश्ते शामिल हैं-
नजदीकी रिश्तेदारों में पिता, पितामह, श्वसुर, चाचा, मामा, पुत्र, पौत्र, दामाद, भाई, भतीजा, भांजा, सगा चचेरा या ममेरा भाई, पत्नी का भाई, बहनोई, पति, पति का भाई, पति की बहन, पत्नी की बहन, पुत्री, पुत्रवधु, बहन, भाभी जो भाई या सगे अथवा चचेरे-ममेरे भाई की पत्नी को गिनाया गया है। इनके अलावा माता, सास, चाची या मामी को भी इसी श्रेणी में गिना गया है।
