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सात समुंदर पार बेटे के इंतजार में तीन दिन से पड़ी पिता की लाश का हुआ अंतिम संस्कार
यूपी के देवरिया में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसे सुन कर हर कोई हैरान है। हो भी क्यों नहीं मामला ही कुछ येसा है। जहा अपनो की याद में हर कोई क्या से क्या नहीं करता। अगर रिश्ता खून का हो तो और बढ़ जाता है। उत्तर प्रदेश के देवरिया में कुछ इसी तरह का मामला देखने को मिला। जहा सात समुंदर पार डेनमार्क में नौकरी कर रहे इकलौते बेटे के इंतजार में पिता का पार्थिव शरीर दरवाजे पर तीन दिन तक पड़ा रहा। और फिर भी नहीं आ सका। शुक्रवार को जब उसके आने की उम्मीद धूमिल हो गई, तो मृतक के छोटे भाई ने यानी लड़के के चाचा ने बेटे होने का फर्ज अदा किया।
नौ फरवरी को मृत्यु की तिथि से तीन दिन बाद पूर्व सभासद राधेश्याम पांडेय को उनके छोटे भाई ने बरूथनी नदी के तट पर शुक्रवार को मुखाग्नि दी। मृतक के इकलौते बेटे के पिता के अंतिम संस्कार में आने की तमाम कोशिशों के बाद नहीं पहुंच पाने का सबको मलाल है। पूर्व सभासद का हृदय गति रुकने से बीते मंगलवार की रात निधन हो गया था। उनका बेटा विशाल पांडेय यूरोप के डेनमार्क में नौकरी कर रहा है।
पिता के निधन की सूचना मिलते ही वह सात संमुदर पार डेनमार्क से अंतिम संस्कार में शामिल होने को चल दिया। डेनमार्क से भारत पहुंचने में हवाई जहाज की तीन जगहों पर को लैंडिग होती है। डेनमार्क से पहली को-लैंडिंग में विमान में सवार यात्रियों की लंदन एयरपोर्ट पर जांच हुई।
