गोरखपुर ग्रामीण
ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में ही गुल हुई बिजली, पांच घंटे बाद लौटी आपूर्ति, बढ़ा जन आक्रोश
पूर्वांचल भारत न्यूज़, गोरखपुर।
उरुवा बाजार क्षेत्र में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग पांच से छह घंटे बिजली की कटौती अब सामान्य बात बन चुकी है। हालात तब और हैरान करने वाले हो गए जब गुरुवार को नगर पंचायत कार्यालय भवन का लोकार्पण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री एके शर्मा की उपस्थिति में ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कार्यक्रम स्थल पर जनरेटर की व्यवस्था पहले से थी, इसलिए मंच पर इसका असर नहीं दिखा, लेकिन मंत्री के प्रस्थान के बाद क्षेत्र में करीब पांच-छह घंटे तक बिजली नहीं आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति धुरियापार विद्युत उपकेंद्र से की जाती है, जहां अक्सर तकनीकी खराबी के चलते आपूर्ति बाधित हो जाती है। कभी 33 केवी लाइन में फॉल्ट, तो कभी 11 केवी लाइन में खराबी के कारण कई घंटों तक आपूर्ति ठप रहती है।
जनता में नाराज़गी, उपभोक्ता कर रहे विरोध की तैयारी
लगातार और अनियमित कटौती से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, और घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के अभियंता जानबूझकर आपूर्ति रोकते हैं ताकि फॉल्ट कम हों और उन्हें मरम्मत के झंझट से बचना पड़े। उपभोक्ता इसे खुली विभागीय लापरवाही मान रहे हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं भी बाधित
क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की सेवाएं भी बिजली संकट से प्रभावित हो रही हैं। गर्म और उमस भरे मौसम में जहां मरीजों की देखभाल कठिन हो रही है, वहीं डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी परेशान हैं।
रतनपुर और विधनापार जैसे गांवों में स्थिति और भी खराब
इन क्षेत्रों में बिजली कटौती न केवल आम है, बल्कि जब बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे, कूलर या अन्य उपकरण चलाना जोखिम भरा हो जाता है। लोग उपकरणों को बंद रखना ही बेहतर समझते हैं, जिससे सामान खराब होने से बच सके।
धुरियापार उपकेंद्र का जेई निकला गैरजिम्मेदार
गुरुवार रात जब बिजली आपूर्ति बाधित हुई, तब धुरियापार उपकेंद्र के कनिष्ठ अभियंता (JE) त्रिलोकी मद्धेशिया समस्या का समाधान करने के बजाय कुशीनगर अपने कपड़े लेने चले गए। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बहाली का जिम्मा ठेके पर कार्यरत कर्मियों पर छोड़ दिया गया, जिससे बहाली में देरी हुई। इस पर सिकरीगंज के अधिशासी अभियंता श्री संतोष कुमार ने कहा कि यदि जेई बिना अनुमति गए थे, तो यह स्पष्ट लापरवाही मानी जाएगी। वहीं एसडीओ श्री आशीष कुमार मिश्रा ने कहा कि जेई ने मौखिक अनुमति ली थी और शुक्रवार को ड्यूटी पर लौट आए।
24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय उपभोक्ताओं – अमित कुमार, साहब सिंह, धरम जायसवाल, कमलेश यादव, अमरनाथ सिंह , अखिलेश मिश्रा, बिरेंद्र मौर्य, पप्पू शेख, यशवन्त मौर्य, प्रदीप त्रिपाठी, श्रवण मौर्य, राकेश यादव, विजय आनन्द, अनिल मौर्य, गणेश गौड़, आदि का कहना है कि प्रदेश सरकार भले ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही हो, लेकिन उरुवा क्षेत्र में यह ज़मीनी सच्चाई से कोसों दूर है। यहां विभागीय लापरवाही और अभियंताओं की मनमानी से आम जनता परेशान है।
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