Connect with us

ताज़ा ख़बर

UGC Rules 2026: यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में जातिगत भेदभाव पर नए नियम, 4 बड़े सवालों के साथ क्यों बना सवर्ण बनाम SC/ST-OBC का मुद्दा

UGC Rules 2026 को लेकर देशभर में विरोध तेज है। जानिए यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में जातिगत भेदभाव रोकने के नए नियम, बदलाव, विवाद और 4 बड़े सवालों के जवाब।

Published

on

UGC Rules

नई दिल्ली: UGC New Rules 2026 को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक बार फिर सियासी और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है। आयोग ने 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम अधिसूचित किए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर #RollbackUGC ट्रेंड करने लगा। विरोध करने वाले इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

आलोचकों का कहना है कि नए नियमों के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों को संभावित अपराधी के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, UGC का तर्क है कि यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में इन नियमों के खिलाफ प्रदर्शन भी हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नए नियम क्या हैं, विवाद की जड़ क्या है और सरकार आगे क्या रुख अपना सकती है।

बरेली DM पर ‘बंधक बनाने’ के आरोपों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बैठक में क्या हुआ? ADM ने सामने रखी पूरी तस्वीर

UGC के नियमों पर 4 बड़े सवाल

1. कॉलेजों में जातिगत भेदभाव पर नए नियमों की जरूरत क्यों पड़ी?

UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 17 दिसंबर 2012 से जातिगत भेदभाव रोकने को लेकर कुछ सलाहकारी दिशानिर्देश लागू थे। इनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना था, लेकिन इनमें किसी तरह की सजा या सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं था।

2. UGC नए सख्त नियम क्यों लेकर आया?

जनवरी 2016 में तेलंगाना में रोहित वेमुला और मई 2019 में पायल ताडवी की आत्महत्या के मामलों के बाद पीड़ित परिवारों ने 29 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें जातिगत भेदभाव से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी और सख्त नियमों की मांग की गई थी।
इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जनवरी 2025 में UGC को जातिगत भेदभाव से जुड़े मामलों का डेटा एकत्र करने और नए नियम तैयार करने के निर्देश दिए। UGC ने फरवरी 2025 में इसका ड्राफ्ट जारी किया।

3. ओबीसी से जुड़े बदलाव पर विवाद क्यों?

अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग छात्र संघ का आरोप है कि ड्राफ्ट नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को जातिगत भेदभाव की परिभाषा से बाहर रखा गया था और समानता समिति में उनका प्रतिनिधित्व भी स्पष्ट नहीं था।
इसके अलावा, ड्राफ्ट में झूठी शिकायतों पर सजा का प्रावधान होने से छात्र संगठनों ने चिंता जताई थी कि इससे पीड़ित शिकायत दर्ज कराने से डर सकते हैं। संगठनों का यह भी कहना था कि जातिगत भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा नहीं होने से नए नियम अधूरे हैं।

Advertisement

ये भी पढ़ें- बिना पुख्ता साक्ष्य जेल भेजने का आरोप: बांसगांव पुलिस पर सवाल, पीड़ित परिवार ने SSP से मांगा न्याय

4. संसदीय समिति ने क्या सुझाव दिए?

शिक्षा, महिला और युवा मामलों की संसदीय समिति ने 8 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट नियमों की समीक्षा कर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपी थीं।
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने जातिगत भेदभाव की परिभाषा स्पष्ट करने और समानता समितियों में OBC सदस्यों को शामिल करने की सिफारिश की। इन सुझावों के बाद UGC ने ड्राफ्ट में संशोधन कर 13 जनवरी 2026 को अंतिम नियम अधिसूचित किए, जो 15 जनवरी 2026 से सभी मान्यता प्राप्त कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू हो गए।

ये भी पढ़ें- Gorakhpur: थाने के सामने REEL बनाने वाली अंशिका सिंह निकली ब्लैकमेलर, शौक पूरे करने के लिए रचती थी साजिश

UGC के नए नियमों में क्या बड़े बदलाव हुए?

1. जातिगत भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा

नए नियमों के अनुसार जाति, धर्म, नस्ल, लिंग, जन्मस्थान या दिव्यांगता के आधार पर किया गया कोई भी ऐसा अनुचित व्यवहार, जो शिक्षा में समानता को प्रभावित करे या मानव गरिमा का उल्लंघन करे, उसे जातिगत भेदभाव माना जाएगा। ड्राफ्ट में यह परिभाषा स्पष्ट नहीं थी।

2. OBC को भी दायरे में लाया गया

अब एससी-एसटी के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है, जो पहले ड्राफ्ट में नहीं था।

3. झूठी शिकायतों पर सजा का प्रावधान हटाया गया

ड्राफ्ट में झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर जुर्माना या निलंबन जैसे प्रावधान थे, लेकिन अधिसूचित नियमों में इन्हें हटा दिया गया है।

Advertisement

ये भी पढ़ें- रिपोर्ट के नाम पर लेखपाल पर पैसे मांगने का आरोप, वायरल वीडियो में बोले “कम से कम 1000 तो लगेंगे”

शिकायतों का निपटारा कैसे होगा?

1. समान अवसर केंद्र (EOC)

हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में समान अवसर केंद्र बनाया जाएगा, जो एससी-एसटी और OBC छात्रों को सलाह देगा और भेदभाव से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करेगा। इसके लिए समाज, मीडिया, एनजीओ, छात्र, अभिभावक और कानूनी विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा।

2. समानता समिति

कॉलेज प्रमुख की अध्यक्षता में गठित समानता समिति में एससी-एसटी, OBC, महिला और दिव्यांग सदस्य शामिल होंगे। समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा और इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य भी हो सकते हैं।

3. समानता समूह

परिसर में निगरानी के लिए छोटे स्तर पर समानता समूह बनाए जाएंगे, जो भेदभाव की घटनाओं पर नजर रखेंगे।

4. शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

शिकायत समानता समिति को दी जाएगी। समिति को 24 घंटे में कार्रवाई शुरू करनी होगी और 15 दिनों में कॉलेज प्रमुख को रिपोर्ट सौंपनी होगी। कॉलेज प्रमुख को 7 दिनों के भीतर आगे की कार्रवाई करनी होगी। समान अवसर केंद्र हर छह महीने में रिपोर्ट देगा, जिसे कॉलेज यूजीसी को वार्षिक रूप से भेजेंगे।

ये भी पढ़ें- उरुवा बाज़ार नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में हंगामा, सभासदों पर अभद्रता के आरोप, थाने में दी गई शिकायत

Advertisement

*क्या सरकार नियम वापस ले सकती है?

इन नियमों को वापस लेने या संशोधित करने की मांग को लेकर ईमेल अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, UGC अध्यक्ष विनीत जोशी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी कानून के दुरुपयोग को रोकना जरूरी है और सरकार के पास नियमों में संशोधन या उन्हें वापस लेने का संवैधानिक अधिकार है। संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 स्वतंत्रता और समानता के अधिकार की गारंटी देते हैं।

Share this with your friends:
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप न्यूज़

ugc niyam supreme court stay
टॉप न्यूज़1 month ago

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का अखिलेश यादव और मायावती ने किया समर्थन, फैसले को बताया न्यायोचित

Shankaracharya
ताज़ा ख़बर1 month ago

40 दिन में गोमाता को राज्य माता घोषित करें, नहीं तो आंदोलन होगा… शंकराचार्य का योगी सरकार को अल्टीमेटम

UP Cabinet Decisions
उत्तर प्रदेश2 months ago

UP Cabinet Decision: यूपी के 15 लाख शिक्षकों व कर्मियों को बड़ी राहत, अब मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज

budget 2026 news
दिल्ली2 months ago

भारत वित्तीय सत्र: पहले बजट से लेकर आज तक का सफर; क्या 2026 के बजट में होगा बड़ा उलटफेर?

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन
ताज़ा ख़बर2 months ago

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन, बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश; 5 लोगों की मौत

UGC के नए नियम 2026 क्या हैं? देशभर में विरोध क्यों हो रहा है, जानिए पूरा मामला
दिल्ली2 months ago

UGC के नए नियम 2026 क्या हैं? देशभर में विरोध क्यों हो रहा है, जानिए पूरा मामला

UGC Rules 2026
उत्तर प्रदेश2 months ago

यूजीसी नियमों पर सियासी विरोधाभास: बृजभूषण शरण सिंह के एक बेटे का समर्थन, दूसरे का खुला विरोध

Lalitpur Road Accident
अपराध2 months ago

ललितपुर सड़क हादसा: मंत्री के बेटे की फॉर्च्यूनर ने बाइक सवारों को कुचला, धमकी देकरकर भागा

UGC Bill पर संजय निषाद का बड़ा बयान
दिल्ली2 months ago

General कैटेगरी के 10% आरक्षण हुआ तब विरोध नहीं किया- UGC विवाद पर संजय निषाद का बड़ा बयान

Urua Bazar Accident
गोरखपुर ग्रामीण2 months ago

उरुवा बाजार में तेज रफ्तार ई-रिक्शा ट्रेलर से टकराया, चालक गंभीर रूप से घायल

gkp kumbh mela
आस्था2 months ago

गोरखपुर से प्रयागराज नहीं जाएगी वंदे भारत: लखनऊ तक सीमित रहेगी ट्रेन, माघ मेला में यात्रियों को परेशानी

anshika singh news
उत्तर प्रदेश2 months ago

Gorakhpur: थाने के सामने REEL बनाने वाली अंशिका सिंह निकली ब्लैकमेलर, शौक पूरे करने के लिए रचती थी साजिश

DDU Gorakhpur University
गोरखपुर ग्रामीण2 months ago

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह का असमय निधन

महाराजगंज2 months ago

महराजगंज पुलिस में बड़ा फेरबदल: 15 उपनिरीक्षक समेत 18 पुलिसकर्मियों का तबादला, तीन चौकी प्रभारी लाइन हाजिर

gorakhpur-urea-kalabazari
उत्तर प्रदेश3 months ago

गोरखपुर में यूरिया कालाबाजारी का पर्दाफाश, दूसरे के नाम के लाइसेंस पर हो रही थी खाद की बिक्री

डीएम स्थलीय निरीक्षण करते हुए
गोरखपुर शहर2 months ago

Gorakhpur: डीएम दीपक मीणा का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर अफसरों को सख्त चेतावनी

Bansgaon News
उत्तर प्रदेश2 months ago

बिना पुख्ता साक्ष्य जेल भेजने का आरोप: बांसगांव पुलिस पर सवाल, पीड़ित परिवार ने SSP से मांगा न्याय

Jhngha Police
अपराध2 months ago

गोरखपुर में जमीन विवाद बना जानलेवा, बेटे की हत्या मामले में एक ही परिवार के चार सदस्य गिरफ्तार

Advertisement

Trending

free counter

हमारे बारे में-

पूर्वांचल भारत न्यूज एक रजिस्टर्ड न्यूज पोर्टल है ।
इसका उद्देश्य पूर्वांचल भारत के साथ ही देश दुनियां की खबरों व जानकारियों को हमारे दर्शकों को रोचक अंदाज में पहुंचना है। युवाओं को रोजगार सम्बन्धित जानकारी के साथ ही हर वर्ग की समस्या को हम उठा सकें यही हमारी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और जनसमस्याओं से जुड़े समाचारों पर भी हमारा विशेष ध्यान होता है ।


प्रबन्धक / निदेशक:

जे. समरजीत जैसवार

प्रधान सम्पादक :

आदित्य धनराज

सम्पादक : अजय कुमार 

सलाहकार सम्पादक : जे०पी० 

सलाहकार सम्पादक : ब्रिजेन्द्र सिंह 

उपसम्पादक : एस.के. मिश्रा

उपसम्पादक : कमलेश यादव

उपसम्पादक : धीरेन्द्र कुमार

उपसम्पादक : नीतू यादव

सम्पादकीय :  मनीष कुमार

विज्ञापन और प्रसार प्रबन्धक: आदित्य धनराज

Our Visitor

035369
Total views : 41234


प्रधान कार्यालय :

कूड़ाघाट, निकट एम्स हॉस्पिटल मोहद्दीपुर, 

गोरखपुर, उo प्रo । पिन-273008

सम्पादकीय कार्यालय :

राम जानकी मार्ग, उरुवा बाजार, गोरखपुर
पिन-273407

Copyright © 2021. Powered by “PURVANCHAL BHARAT NEWS”

You cannot copy content of this page