उत्तर प्रदेश
मनुस्मृति दहन दिवस पर जलाई प्रतियां
गोरखपुर।
शुक्रवार गोला के बेवरी चौराहे पर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने मनुस्मृति दहन पर आयोजित कार्यक्रम मे दलित समाज के युवाओ ने युवा नेता रणविजय कुमार के नेतृत्व मे प्रतिया जलाई।
कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते भंते धर्मकीर्ती व बसपा नेता रणविजय कुमार ने कहा कि 25 दिसम्बर 1927 को बोधिसत्व डा भीमराव अम्बेडकर ने वर्ण व्यवस्था,असमानता व जातिवाद से भरी मनुस्मृति को जलाया था।मनुस्मृति मे बहुजन समाज व भारत की महिलाओ को कोई अधिकार नही था।बाबा साहब ने मनुस्मृति को जलाया तो लोग उनका बिरोध भी नही कर पाये क्योंकि बाबा साहब बहुत बडे बिद्वान थे,उनके अंदर नया कानून बनाने की क्षमता थी।उनका कहना था की जिस किताब में सिर्फ और सिर्फ असमानता भरी पडी हो उस विधान से देश नही चलेगा।तत्पश्चात उन्होने 26 नवंबर 1949 को बिश्व का सबसे बडा संविधान इस भारत देश को दिया और 26 जनवरी 1950 को यह महासंविधान इस देश मे लागू हुआ तब जाकर हमारे देश के 85% लोगों के साथ साथ भारत की महिलाएं भी आजाद हुई।
अध्यक्षता परमात्मा प्रसाद व संचालन रूदल बौद्ध ने किया।
इस अवस पर रामजनम,डा अरूण,बबलू, सूरज मौर्य, विशाल सरकार,अश्वनी, राजू, प्रिस, सिद्धार्थ, विनोद ,बृजेश, राहुल, निखिल, आदर्श,हिन्द केशरी,मनित,इन्द्रेश सहित तमाम लोग मौजूद थे।
