उत्तर प्रदेश
महराजगंज के युवा ने बनाया इको फ्रेंडली ट्रैक्टर, जानिए क्या हैं खूबियां
महराजगंज:
जिले के विकास खण्ड सिसवा बाजार से सटे बीजापार आसमन छपरा गांव के राहुल सिंह द्वारा बनाया गया ट्रैक्टर इन दिनों ज्यादा चर्चा में है । सोशल मिडिया , यूट्यूब पर इनका विडियो खुब देखा जा रहा है । बीजापार आसमन छपरा गांव के राहुल सिंह गोरखपुर एबीसी पब्लिक स्कूल दिव्यनगर में 12 वीं के छात्र हैं । वह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूशन सेंटर में इनोवेटर हैं ।

राहुल ने बताया कि पिता संजय पेशे से किसान हैं । ऐसे में खेतीबाड़ी की समस्या को देखते हुए कुछ अलग करने की हमेशा सोचता था । मेरा यही सोच है कि कम लागत में ज्यादा फायदा किसान को कैसे होगा । इसके लिए उन्नत किस्म के यंत्रों का होना जरूरी है । ऐसे में बैटरी चलित ट्रैक्टर बनाने के लिए सोचा । इसके पहले अक्तूबर माह में बैटरी से चलने वाली साइकिल बनाया था । जिसकी काफी लोगों ने सराहना की । ट्रैक्टर ने इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान हासिल किया है । इससे तीन घंटे में एक एकड़ खेत जोता जा सकता है । सबसे खास बात यह है कि ट्रैक्टर स्वतः चार्ज होने के साथ ही ईको फ्रैंडली है । इसकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा है ।

इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में मिला पहला स्थान पाने वाले बारहवीं के छात्र राहुल सिंह की उम्र महज 16 वर्ष है । वह मदन मोहन मालवीय प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूशन सेंटर में इनोवेटर हैं । यहां पर पढ़ाई के साथ रिसर्च भी करते हैं । राहुल बीते वर्षों से लगातार इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान हासिल कर दबदबा बनाए हुए हैं ।
वर्ष 2018 में रोटी मेकर , वर्ष 2019 में बैट्री से चलने वाली इको फ्रेंडली साइकिल और 2020 के वैश्विक महामारी के चलते ऑनलाइन हुए इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में बैट्री से चलने वाली इको फ्रेंडली ट्रैक्टर बनाकर पहला स्थान बरकरार रखा ।
युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह बताते है कि ट्रैक्टर में लगी बैट्री को चार्ज करने की जरूरत नहीं है । वह ट्रैक्टर चलने के साथ ही खुद चार्ज हो रहेगा । यह ट्रैक्टर पूरी तरह से इको फ्रेंडली है । बैट्री से चलने के कारण ट्रैक्टर में आवाज नहीं है ।
