कुशीनगर
पूर्वांचल के लोगो के लिए बड़ी खुशखबरी जल्द शुरू होगा कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पांच से छह देशों की सीधी उड़ान
कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान चालू होने में देर नहीं है। इस एयरपोर्ट से अपनी उड़ान चालू कराने को लेकर एयरलाइन कम्पनियों व एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया (एएआई) के अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर शुरू हो गया है। एयरपोर्ट से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के साथ हेलीकाप्टर सेवा भी शुरू करने की तैयारी है। कम्पनियों से अभी अनौपचारिक बातचीत चल रही है। अनुमान है कि , एक से दो महीने में उड़ान सेवा बहाल होने की उम्मीद है।इसके लिए डीजीसीए से उड़ान का लाइसेंस मिल जाने के बाद आधिकारिक रूप से कार्रवाई आगे बढ़ेगी। एक सप्ताह के भीतर लाइसेंस मिलने की अत्यधिक संभावना है।
अथॉरिटी ने लगभग सभी आपत्तियों का निपटारा कर अपना पेपर डीजीसीए को सबमिट कर दिया है। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम उड़ान के लिए पूरा हो चुका है। यह एयरपोर्ट अंतराष्ट्रीय मानचित्र से भी जुड़ गया है। यहां से उड़ान के लिए इच्छुक कम्पनियों में एयरलाइन सेवा प्रदाता कम्पनी स्पाइस जेट, इंडिगो, टर्बो जेट समेत हेलीकाप्टर सेवा प्रदाता कम्पनी पवन हंस के नाम प्रमुख रुप से सामने आए हैं। एएआई ने घरेलू उड़ान के लिए पूर्व में लखनऊ-कुशीनगर-बोधगया रुट की घोषणा की थी।
हेलीकाप्टर सेवा के लिए बौद्ध सर्किट के श्रावस्ती- कपिलवस्तु-लुम्बनी-कुशीनगर रुट की बात चली थी। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार घरेलू उड़ान के लिए अभी कई रुट का चयन होना बाकी है। दूसरी तरफ इंटरनेशनल उड़ान के लिए श्रीलंका, म्यांमार व थाईलैंड के राजनयिकों ने रुचि दिखाई है। श्रीलंका से कोलंबो-कुशीनगर उड़ान फाइनल है। किन्तु म्यांमार व थाईलैंड की सरकार और वहां की विमानन कम्पनियों के साथ एएआई की वार्ता अभी आगे नहीं बढ़ी है। एयरपोर्ट से भूटान व जापान के हवाईअड्डों से भी उड़ान प्रस्तावित है। एयरलाइन कम्पनियों से उड़ान के लिए वार्ता व आधिकारिक कार्रवाई का दौर लाइसेंस फाइनल होने के बाद पता चलेगा। हम आप को बता दे की बौद्ध धर्म को मानने वाले दुनिया बहुत से देश है जैसे चीन, जापान, सिंगापुर,भूटान,म्यांमार,आदि अगर कोई टूरिस्ट कुशीनगर आना चाहता है। तो उसको लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता था । इसके बाद बस,या ट्रेन से 250 किमी यात्रा पूरी करनी पड़ती थी। लेकिन कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू हो जाने से यह समस्या दूर हो जाएगी।
