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इन्जीनियर विवेकानंद गांव की तस्वीर बदलने का सपना लिए नौकरी छोड लड रहे प्रधानी
इन्जीनियर विवेकानंद गांव की तस्वीर बदलने का सपना लिए नौकरी छोड लड रहे प्रधानी
गोरखपुर।
ग्रामीण परिवेश से युवा पढ़ाई लिखाई करने के बाद शहरों में जाकर अच्छी नौकरी करना पंसद करते हैं, वहीं गोला विकास खंड के खेती किसानी के लिए प्रसिद्ध गांव मदरिया के एक ऐसे युवा भी है, जिन्होंने टेलीकाम कंपनी के डीजीएम पद पर तैनात इंजीनियर विवेका नंद सिंह नौकरी छोड़ कर गांव के विकास के लिए ग्राम प्रधानी का चुनाव जीतकर गांव में मॉडल विलेज की तर्ज पर कार्य करा गाव की तस्वीर बदलना चाहते है।उनका मानना है कि मदरिया गाव के विकास की दर लगभग जीरो है इसका एकमात्र कारण है अक्षम जनप्रतिनिधियो का चुनाव।
गोला क्षेत्र के मदरिया गांव निवासी एवं उरूवां विकास खंड के दुघरा गाव स्थित इण्टर कालेज के चर्चित प्रधानाचार्य रहे स्व बांके बिहारी सिंह के पांच पुत्रों मे सबसे छोटे पुत्र इन्जीनियर विवेकानंद सिंह पटना से टेलीकाम कंपनी के डीजीएम पद से शैक्षणिक अवकाश लेकर अपने गांव में डेयरी फार्म,बकरी पालन, पौधरोपण, आधुनिक खेती तथा फिशरीज जैसे कार्यक्रम चला रहे हैं। जब जब वह गांव आते थे तो उन्हें आजादी के इतने सालो बाद भी गांव के विकास में पिछड़ने पर निराशा होती थी तो उन्होंने गांव का विकास कराने के लिये ग्राम प्रधान बनने ठान ली और गांव आकर ग्रामीणों की सहमति से वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़कर जीत हासिल की ठान ली है।अब देखते है गांव के मतदाता एक पढे लिखे युवा को प्रधान बना कर गाव का हाइटेक विकास कराना चाहती या फिर–।वैसे विवेकानंद ग्रामवासियों के भरपूर समर्थन,प्रेम ,विश्वास और सहयोग से बेहद खुश हैं।उन्हे विश्वास है कि जनता उनके गांव के चौमुखी विकास के सपनो को जरूर पूरा करेगी।
