गोरखपुर ग्रामीण
गोरखपुर में राप्ती नदी से मिला युवक का शव, पहचान होने के बाद पुलिस ने तेज की जांच
गोरखपुर के बढ़हलागंज क्षेत्र में राप्ती नदी से एक युवक का शव बरामद होने से हड़कंप। कागजातों से पहचान देवरिया के आशुतोष कुमार के रूप में हुई। जांच जारी।
गोरखपुर: बढ़हलागंज क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नवलपुर गांव के पास राप्ती नदी में एक युवक का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों ने यह दृश्य देखते ही इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बढ़हालागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी।
कागजातों से हुई युवक की पहचान
पुलिस ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 30 साल के आसपास प्रतीत होती है। तलाशी के दौरान उसके कपड़ों के पास एक छोटा पैकेट मिला, जिसमें कुछ दस्तावेज थे। इन्हीं कागजातों की मदद से मृतक की पहचान देवरिया जिले के मदनपुर गांव निवासी आशुतोष कुमार के रूप में की गई। पुलिस ने वहां मिले मोबाइल नंबरों और पते के आधार पर परिजनों को इसकी सूचना दे दी है।
स्थानीय लोगों में तरह–तरह की आशंकाएँ
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे जमा हो गए। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि आशुतोष कई दिनों से घर से गायब था, जबकि कई लोगों ने इस मौत को संदिग्ध बताया। भीड़ नियंत्रण और किसी तरह की बाधा न होने के लिए पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कारण
थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि यह दुर्घटना है, आत्महत्या है या किसी प्रकार की आपराधिक घटना।
नदी किनारे पुलिस टीम ने सर्च अभियान भी चलाया, ताकि कोई और सामान, मोबाइल या अन्य सुराग मिल सके जो जांच को आगे बढ़ा सके।
परिजनों से पूछताछ भी शुरू
पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान से यह जानकारी जुटाई जाएगी कि आशुतोष कब से घर से लापता था, उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या वह किसी तनाव में था। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दो टीमें इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं।
पुलिस की अपील—अफवाहें न फैलाएँ
राप्ती नदी में शव मिलने की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अपुष्ट बातें फैलाने से बचें और जांच में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
