गोरखपुर ग्रामीण
जिलाधिकारी ने किया बांसगांव के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा
जिलाधिकारी ने किया बांसगांव के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा
गोरखपुर
जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने रविवार को बांसगांव तहसील के बेला बांध पर शरण लेने वाले राप्ती नदी की बाढ़ से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से भेंट किया तथा उन्हे राहत सहायता मुहैया कराते रहने का मौके पर मौजूद तहसील के अधिकारियों को निर्देश भी दिया।
एसडीएम विनय पाण्डेय ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे दौरे पर आये जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाढ़ से मैरूंड गांवों में नावों की व्यवस्था कराने के साथ ही प्रभावित परिवारों को राशन किट तथा पशुओं को भूसा मुहैया कराने के अलावां क्लोरीन की गोलियों का वितरण एवं एंटी लार्वा रसायनों का छिड़काव भी कराया जाय। जिलाधिकारी ने प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति बनाये रखने और पुलिस को पेट्रोलिंग करते रहने का भी निर्देश दिया।
एसडीएम ने बताया कि राप्ती नदी की बाढ़ से करंजही, कतरारी, नवापार तथा अइमा गांव मैरूंड हो गये हैं, जहां पर नावों का इंतजाम कर दिया गया है। उन्होने बताया कि सर्वे में इन मैरूंड गावों में 20 परिवारों के 154 सदस्य तथा 42 पशु पूरी तरह से प्रभावित पाये गये हैं। इनके लिए राशन किट और भूसे का इंतजाम किया जा रहा है। एक सवाल के जबाब में एसडीएम ने बताया कि इन प्रभावित बाढ़ पीड़ितों के लिए सिर्फ नावों का ही इंतजाम किया गया है। राहत सहायता सामग्रियां अभी मुहैया नहीं करायी जा सकीं हैं।
इस अवसर पर तहसीलदार संजय सिंह, नायब तहसीलदार चंदन शर्मा, बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियंता बिपिन सिंह, पशु चिकित्साधिकारी सतीश आर्या, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, एडीओ तथा एएनएम उपस्थित रहीं।
विरोधाभाषी है मैरूंड गांवों की जानकारी
बांसगांव। तहसील के बाढ़ प्रभावित मैरूंड गांवों के बारे में विरोधाभाषी जानकारियां भी मिल रहीं हैं। एक तरफ जहां एसडीएम विनय पाण्डेय राप्ती नदी की बाढ़ से चार गावों को मैरूंड बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चौंकाने वाली बात यह है कि इन गांवों के मैरूंड होने के सम्बंध में तहसील से जिला प्रशासन को अब तक रिपोर्ट ही नहीं भेजी जा सकी है। जिससे उन गांवों के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जिला प्रशासन तहसील को राहत सामग्रियों का किट उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
आमी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांव प्रभावित
बांसगांव। क्षेत्र में आमी नदी की बाढ़ से भी आधा दर्जन गांव प्रभावित बताये जा रहे हैं। इन गांवों के ग्रामीण पशुओं के साथ सड़क पर ठौर तलाशने में लगे हैं। मगर प्रशासन की नजर अभी तक उधर नहीं जा सकी है।
मिली जानकारी के अनुसार आमी नदी की बाढ़ से डाड़ी रावत, सरसोपार, भुसवल, करहल, धनईपुर आदि गांव पानी से चारो तरफ घिर गये हैं। इन गांवों के निचले हिस्से के घरों में पानी जा घुसने से ऐसे परिवार पशुओं के साथ सड़कों पर शरण तलाश रहे हैं। फिर भी प्रशासन की ओर से इन्हे किसी प्रकार की सहायता नहीं मुहैया करायी जा रही है।
