उत्तर प्रदेश
भ्रष्टाचार में लिप्त कानूनगों का ऑडियो हुआ वायरल, पीड़ित न्याय की लगा रहे हैं गुहार।
सहजनवा, गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तमाम कोशिशों के बावजूद सूबे के घूसखोर अपनी घूसखोरी कम नही कर पा रहे है वो सुधरने का नाम नही ले रहे है। जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की योजना बनाते है वही उन्ही के अफसर इस पर पलीता लगाते नज़र आ रहे है।

ताजा मामला मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के सहजनवा तहसील क्षेत्र का है । जहाँ पर एक सनसनीखेद मामला सामने आया है। तहसील में कार्यरत कानूनगो मकसूद अली के ऊपर जमीन पर पट्टे के नाम पर घुस लेने का आडियो फरियादी द्वारा वायरल किया गया है जो मामला सामने आया है। आपको बता दे कि कानूनगो मकसूद अली के ऊपर एक ब्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसके जमीन पर पट्टे के नाम पर बीस हजार रुपए की मांग किया गया है जिसका आडियो पीड़ित के पास है । पीड़ित ब्यक्ति संतोष कुमार पुत्र रामकिशुन मूल निवासी ग्राम जिगिना थाना हरपुर बुदहट तहसील सहजनवा का है।

जानकारी के अनुसार गांव का पुस्तैनी खपरैल का मकान गिर गया था जिसका निर्माण कार्य चल रहा था जिस पर हल्का लेखपाल ने थाने पर फ़ोन कर निर्माण कार्य बंद करवा दिया। उसके बाद उपजिलाधिकारी के द्वारा कानूनगो मक़सूद अली को मौके पर भेजा गया जिसके बाद वो मौके पर पहुंचे और बताया कि आप की जमीन नवीन परती में है और चूंकि आपके पास कोई और जमीन नही है तो तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी के द्वारा ये आपको पट्टा कर दी जाएगी लेकिन आपको कुछ पैसा देना पड़ेगा

इसके बाद व्यक्ति की आर्थिक स्थिती ठीक न होने के बावजूद उसने 20000 रुपये व्यवस्था करके दिया ,इसके बाद भी कानूनगो साहब का पेट नही भरा और उन्होंने और धन की मांग की जिसपर व्यक्ति ने कहा कि आप जमीन का पट्टा मेरे नाम पर करवा दीजिये मैं बाकी का पैसा भी आपको व्यवस्था करके देदूँगा , इसके बाद व्यक्ति भी कानूनगो साहब से बात करने की कोशिश किया तो वो नाकाम रहा क्योंकि कानूनगो साहब ने उसका मोबाइल नम्बर ब्लॉक कर दिया था।फरियादी द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि कानूनगो द्वारा हम लोगो को काफी प्रताड़ित किया जा रहा है, और मेरे द्वारा लगाये गए आरोप का पेन ड्राइव द्वारा आडियो को तहसीलदार महोदय को अवगत कराया जा चूका है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई।और मामला जस का तस पड़ा हुआ है।हम लोग बेघर हो गए हैं।

इस बाबत जब हमारे संवाददाता ने कानूनगो मक़सूद अली से बात किया तो उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार एवं बेबुनियाद है, ये मुझे बदनाम करने की साजिश है।
वही तहसीलदार सहजनवा शशि भूषण पाठक से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है दोनों पक्षो से अपना अपना पक्ष रखने को कहा गया है, दोनों पक्षो को देखने के बाद जो भी दोषी होगा उसके ऊपर कार्यवाही की जायेगी।
