उत्तर प्रदेश
सचिव का फोन रहा स्विच ऑफ, उरुवा ब्लॉक के मरचा गांव में प्रधानी के दौरान परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत नहीं हो सका विकास कार्य
गोरखपुर।
उरुवा ब्लाक के ग्राम पंचायत मरचा में परफारमेंस ग्रांट के तहत डीपीआर की मंजूरी मिलने के बावजूद प्रधानी के दौरान कोई भी विकास कार्य नहीं हो सका।
आपको बता दें कि दिनांक 18 नवंबर 2020 को 14 वें वित्त आयोग की संस्तुति के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरचा विकासखंड उरुवा को निष्पादन अनुदान वित्तीय वर्ष 2016- 17 के अंतर्गत प्रदत्त धनराशि के सापेक्ष योजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी थी। परियोजना इंटरलॉकिंग कार्य, सीसी रोड निर्माण कार्य, मिटटी/खड़ंजा निर्माण कार्य, नाली/भूमिगत नाली कार्य, अन्य कार्य हेतु कुल धनराशि 2 करोड़ 92 लाख 32 हजार 6 सौ 58 की स्वीकृत कर दी गयी थी।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगदीश ने बताया कि परफॉर्मेंस ग्रांट योजना के अंतर्गत विकास कार्य के लिए प्रथम क़िस्त में 42 लाख रुपये की निकासी के लिए जिलाधिकारी महोदय ने स्वीकृति प्रदान कर दिया था। उन्होंने बताया कि कार्य प्रारंभ हो गया रहा होता लेकिन सेक्रेटरी की लापरवाही के कारण विकास का काम शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते से लगातार वह सचिव अनीश से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था और साथ ही जब वह उनके घर पर जाते थे तब वह घर पर मौजूद नही रहते थें। उन्होंने बताया कि बहुत अफसोस होता है कि सब कुछ हो गया था डोंगल के लिए सचिव की आवश्यकता थी लेकिन उनके न मिलने से डोंगल नहीं हो सका और निर्गत धन राशि की निकासी नहीं हो सकी।
इस संबंध में उरुवा के खंड विकास अधिकारी भईयन लाल पटेल ने कहा की प्रधान प्रतिनिधि ने सचिव द्वारा फोन ना उठाने व न मिलने की जानकारी हमें नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि मैं 2-3 दिन बाहर रहूंगा। जब कार्यालय आऊंगा तब मामले को दिखवाता हूं की आखिर सचिव ने फोन क्यों नहीं उठाया?
मरचा गांव में शौचालय की सिर्फ दीवाल है खड़ी:
प्रधान प्रतिनिधि जगदीश ने बताया कि गांव में निर्माण कराए जा रहे शौचालय का धन नहीं मिला जिस कारण केवल दीवाल ही खड़ी रह गयी। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा था कि परफारमेंस ग्रांट योजना के अंतर्गत इसका कार्य कराया जाएगा लेकिन कार्य योजना में इसे सम्मिलित नहीं किया गया था जिस कारण परफारमेंस ग्रांट के तहत इस का कार्य कराना संभव नहीं था।
शौचालय निर्माण के लिए 2.10 लाख रुपये की धनराशि आवंटित करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को फाइल भेजी गई थी, जोकि अभी भी लंबित है। शौचालय निर्माण के लिए धनराशि नहीं मिलने से कार्य अधूरा है।
