गोरखपुर ग्रामीण
यूपी:देवरिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि, प्रदेश भर में बर्ड फ्लू को लेकर हाई अलर्ट
यूपी:देवरिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि, प्रदेश भर में बर्ड फ्लू को लेकर हाई अलर्ट।
उत्तर प्रदेश के देवरिया में 12-13 जनवरी को मरे मिले 05 कौवे और 01 बगुले में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) ने बर्ड फ्लू पॉजीटिव होने की पुष्टि कर दी है। जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगो का कहना है। अभी Corona महामारी से पूरी दुनिया तबाह है। तब तक एक और नई आफत बर्ड फ्लू को लेकर आ गई। जिसे लोगो में डर की भावना पैदा हो गई। बहुत से लोग ने तो मांसाहारी खाना भी छोड़ दिया है। हम आपको बता दें कि, शनिवार को देवरिया जिले को इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर मण्डल के सभी जिलों को बर्डफ्लू से सतर्कता के मद्देनजर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कि प्रत्येक जिले के कंट्रोल रूम को अलर्ट कर दिया जाय। जिससे बाहर से आने जाने व मरने वाले पंक्षियों के बारे जानकारी हो। इसको गंभीरता से लिया जाय। और इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।हम आपको बता दें कि सभी अधकारियों सतर्क रहने निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके लिए पंक्षियों में जैसे कुक्कुट,बत्तख प्रक्षेत्रों एवं प्रवासी पक्षियों का सर्विलान्स किया जा रहा है। जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ डीके शर्मा ने जिले के सभी 19 ब्लाक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों की रैपिड रिस्पांस टीम गठित की है। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की टीम ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है।
बताया जा रहा है कि पक्षियों की किसी भी प्रकार की असामयिक बीमारी एवं मृत्यु की दशा में तत्काल पशुपालन विभाग के स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें। जिले में बैकयार्ड पाल्ट्री, पोल्ट्री फार्म, पोल्ट्री दुकान, बाजार ऐसे जलाशय जहां प्रवासी पक्षियों का आवगामन होता है, सर्विलांस किया जा रहा है। नगर निगम और पंचायती राज विभाग ने अपने सफाई कर्मियों को भी मृत मिलने वाले पक्षियों की तत्काल रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।पशुपालन विभाग भी इसके लिए सतर्क है । और लगभग ऐसे 45 पोल्टी फार्मों का निरीक्षण करके 60 सेंपल बरेली लैब में भेज दिया है। लेकिन खुशी की बात यह है। कि सभी में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही साथ
वन विभाग और प्राणी उद्यान भी बरत रहा सतर्कता
गोरखपुर वन प्रभाग एवं शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान के अधिकारियों की टीम, प्राणी उद्यान परिसर, रामगढ़झील, सरूआताल, चिलुआताल, परगापुर ताल, विनोद वन, समेत जिले के सभी ऐसे जलाशय जहां प्रवासी पक्षियों का आवागमन रहता है, निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल गोरखपुर जिले के वाइल्ड बर्ड के कोई सेम्पल अभी नहीं भेजे गए हैं। प्राणी उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जल्द ही वेटलैंड का नमूना एहतियातन जांच के लिए आईवीआरआई भेजा जाएगा।
