उत्तर प्रदेश
गोरखपुर में यूरिया कालाबाजारी का पर्दाफाश, दूसरे के नाम के लाइसेंस पर हो रही थी खाद की बिक्री
Gorakhpur News: गोरखपुर जिले में यूरिया की कालाबाजारी को लेकर जिला कृषि विभाग की छापेमारी में एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। सहजनवां थाना क्षेत्र के जोगियाकोल गांव में स्थित एक खाद भंडार पर दूसरे व्यक्ति के नाम जारी लाइसेंस का दुरुपयोग कर यूरिया की अवैध बिक्री की जा रही थी। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यूरिया खाद गायब पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मोबाइल चार्ज करने गई थी, लौटकर पिता ने देखा बेटी का निर्जीव शरीर – गोरखपुर में हैरान करने वाली घटना
जानकारी के अनुसार, जोगियाकोल गांव स्थित मेंमर्स निषाद खाद भंडार से किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। इस संबंध में क्षेत्र के किसान त्रियुगी नारायण उपाध्याय, राम प्रसाद यादव, फूलचंद यादव (कुआवलकला), जय प्रकाश तिवारी (उज्जिखोर) और पुरुषोत्तम चौबे (भिटहा) ने जिला कृषि अधिकारी गोरखपुर को लिखित शिकायत दी थी। किसानों का आरोप था कि दुकान संचालक खुलेआम अधिक कीमत वसूलकर यूरिया की कालाबाजारी कर रहा है।
दीवार गिराने से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई में घायल हुआ व्यक्ति – गोरखपुर में पड़ोसियों के बीच झगड़ा
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह के निर्देश पर 18 दिसंबर को संबंधित खाद भंडार पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान आईएफएम पोर्टल का मिलान किया गया, जिसमें कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड की कुल 146 बोरी यूरिया का उठान दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 121 बोरी ही मौजूद मिली। शेष 25 बोरियों का कोई रिकॉर्ड न मिलने से कालाबाजारी की पुष्टि हुई।
लाइसेंस को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
छानबीन के दौरान यह भी सामने आया कि खाद बिक्री का लाइसेंस मुरलीधर सिंह के नाम पर जारी था, लेकिन दुकान पर दिनेश निषाद पुत्र भागीरथी निषाद यूरिया बेचते हुए पाए गए। यह स्थिति स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन मानी गई और इसे अवैध व्यापार की श्रेणी में रखा गया।
गोरखपुर में शादी समारोह के दौरान बिजली का झटका, एक की मौत और 9 लोग झुलसे
पुलिस कार्रवाई, किसानों ने जताया संतोष
जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह की तहरीर पर सहजनवां पुलिस ने दिनेश निषाद और लाइसेंसधारी मुरलीधर सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के किसानों ने संतोष जताया है और प्रशासन से मांग की है कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

