उत्तर प्रदेश
सेवानिवृत्त हुए खजनी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य उमेंद्र चिकारा की विदाई
खजनी कंबल कारखाना परिसर में ग्रामोद्योग बोर्ड के ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र खजनी के प्राचार्य उमेंद्र चिकारा आज 30 जून को सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र तथा कंबल कारखाने के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर केंद्र के वर्तमान प्राचार्य राम किशोर ने कहा कि आना जाना प्रकृति का नियम है। उमेंद्र चिकारा के कार्यकाल में बेहतरीन अनुभव प्राप्त हुए हैं। जिसका लाभ इस केंद्र को हमेशा मिलता रहेगा। सह उत्पादन अधिक्षक हरिओम मिश्रा ने कहा कि भले ही चिकारा जी सेवानिवृत्त हुए हों लेकिन हम सभी के मार्गदर्शन के लिए वह हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
इस दौरान चिकारा के साथ काम करने के अनुभवों का उल्लेख करते हुए सभी ने उनके कार्य दक्षता की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमेंद्र चिकारा ने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अपने 33 वर्ष और 8 माह के सेवाकाल में उनके व्यवहार से यदि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कहा कि सेवाकाल में किसी को भी डांट फटकार उसकी कार्य दक्षता को और बेहतर बनाने के लिए की जाती है। इसमें किसी भी प्रकार की दुर्भावना नहीं होती है।
कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान फूल माला पहनाकर सम्मानित करते हुए उमेंद्र चिकारा को श्रीमद्भागवत गीता और अन्य उपहार देकर भावभीनी विदाई दी गई।
इस दौरान श्यामनारायण शुक्ला,जितेंद्र कुमार वरिष्ठ सहायक तथा शिवजी कुमार तकनीक सहायक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
