अपराध
सात साल की मासूम का अपहरण कर,बच्ची को बनाया हवस का शिकार
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक ऎसा मामला सामने आया है। जिसे सुन कर हर कोई सहम सा गया। और यह खबर पूरे क्षेत्र में हिला कर रख दिया। दरशल यह घटना एक मासूम बच्ची से जुड़ा है। जो अभी सात साल की है। और कक्षा एक में पढ़ती है। जिसे पहले अपहरण किया जाता हैं फिर उसके साथ दरिंदो द्वारा दरिंदगी। यहां पर एक प्रश्न है। आखिर इस समाज को हो क्या गया है। कि अब मासूम बच्ची भी इस देश में सुरक्षित नहीं है। इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले लोगों के अंदर डर और भय नाम की कोई चीज नहीं है। इसलिए लोग अक्सर बेटियों को कोख में मार देते है। अगर बच गई तो यह समाज जिंदा नहीं रहने देगा। जिसका खामियाजा यह देश भुगत रहा है। बढ़ती लिंगानुपात का अंतर, लेकिन अब इसको लेकर सरकार भी काफी सतर्क है। कठोर से कठोर कानून बनाए है। हम आपको बता दे कि, इस देश में बेटियों को पूजा जाता है। घर का लक्ष्मी कहा जाता है। देश में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का नारा दिया जाता है। लेकिन कुशीनगर में बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की जो घटना घटी है। वह झकझोर करने वाली खबर है। बालिका के साथ हुई दरिंदगी की दास्तां घटनास्थल बयां कर रहा है। मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद बेहोश हो गई तो उसे सरसो के खेत में पुआल के एक ढेर में दबा दिया गया। मौके पर हालात देखकर लोग सिहर गए। यह पूरी घटना कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में सात साल की मासूम का शुक्रवार रात उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह रोटी खाती हुई घर से निकली थी। उसे गांव के बाहर एक खेत में लेकर जाकर दुष्कर्म किया। इससे मासूम बेहोश हुई, तो पुआल के नीचे दबा दिया। देर रात मासूम खून से लथपथ मिली थी। बाद में होश आने पर बच्ची पूरी तरह से डरी और सहमी है। उसके चेहरे पर दुष्कर्म करने के बाद नोचने का निशान हैं। पीड़िता के पिता का कहना है कि, बेटी जब कुछ देर के लिए होश में आई तो जानकारी दी। उसने बताया कि एक युवक ने 70 रुपये दिया और गांव में दुकान के बारे में पूछा। जैसे ही आगे बढ़ी तो पीछे से मुंह बंद करके उसे उठा लिया। इसके बाद दुष्कर्म किया गया। बेटी आरोपितों का हुलिया बता रही है, लेकिन स्पष्ट कह नहीं पा रही है।
