बिहार
चुनाव हारने के बाद भी मन्त्री बन सकते हैं मुकेश सहनी
चुनाव तो हार गए फिर भी मंत्री बन सकते हैं मुकेश सहनी
बिहार:
वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) प्रमुख मुकेश सहनी
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार खास बनकर उभरे हैं।
मुकेश सहनी ने एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और उन्हें 4 सीटों पर जीत हासिल हुई।बिहार में उन्हें ‘सन ऑफ मल्लाह’ कहा जाता है।मुकेश सहनी ने 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। मुकेश सहनी बिहार चुनाव के परिणाम आने के बाद इतने महत्वपूर्ण हो गए कि तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनने का ऑफर भी दिया था।
हार के बावजूद मंत्री बनने की दौड़ में-
मुकेश सहनी चुनाव से पहले महागठबंधन का हिस्सा थे लेकिन बाद में वो तेजस्वी का साथ छोड़ एनडीए में शामिल हो गए। उनका कहना था कि तेजस्वी ने उनके साथ धोखा किया था। एनडीए में शामिल होकर वो सिमरी बख्तियारपुर सीट से चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भले ही सहनी को हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन उनके 4 प्रत्याशी जीते हैं। और इसी वजह से इस बात की बहुत संभावना है कि मुकेश सहनी को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन भले ही सरकार न बना पाई हो लेकिन आरजेडी ने जोड़तोड़ कर सरकार बनाने की पूरी कोशिश की। महागठबंधन को चुनाव में 110 सीटें मिली हैं और उन्हें बहुमत के लिए 12 और विधायकों को जरूरत थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हिन्दुस्तानी आवाम पार्टी और मुकेश सहनी की पार्टी से इस बाबत संपर्क किया था। मुकेश सहनी ने तेजस्वी के ऑफर को ठुकराते हुए कहा था, ‘जब मौका मिला था तब उन्होंने पीठ में खंजर मार दिया और अब उप मुख्यमंत्री का पद परोस रहे है।’
