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पीएम मोदी में कोई दम नहीं, मीडिया ने सिर्फ गुब्बारा बनाया हुआ हैं: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 25 जुलाई 2025:
राहुल गांधी मोदी पर हमला करते हुए एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की छवि सिर्फ मीडिया द्वारा गढ़ा गया एक गुब्बारा है, जिसमें कोई असल ताकत नहीं है। राहुल गांधी ने यह बयान दिल्ली में आयोजित “ओबीसी भागीदारी न्याय सम्मेलन” के दौरान दिया।
राहुल गांधी मोदी पर हमला करते हुए एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। राहुल गांधी ने कहा, “पहले मैं प्रधानमंत्री मोदी से कभी नहीं मिला था, लेकिन अब मैं उनसे दो-तीन बार मिल चुका हूं। अब मुझे समझ आ गया है कि उनके पास असल में कुछ नहीं है। वे सिर्फ एक शो हैं — दिखावा हैं। दम नहीं है।”
उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी को लेकर जो डर या प्रभाव लोगों के मन में है, वह मीडिया की देन है। उन्होंने कहा, “आप लोग उनसे नहीं मिले हैं, लेकिन मैं मिला हूं। मुझे अब पूरी तरह समझ आ गया है कि असल में वे क्या हैं। मीडिया ने उन्हें जितना बड़ा दिखाया है, हकीकत उससे बिल्कुल अलग है।”
ओबीसी युवाओं को राहुल गांधी की अपील: “अपनी ताकत पहचानो”
यह राहुल गांधी का अब तक का सबसे तीखा हमला है मोदी पर राहुल गांधी ने अपने भाषण में ओबीसी समुदाय के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ताकत पहचाननी चाहिए। उन्होंने कहा, “ओबीसी युवाओं से मेरी सबसे बड़ी शिकायत यह है कि वे खुद को कम आंकते हैं। जिस दिन उन्होंने अपनी असली ताकत को पहचान लिया, भारत की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी।”
राहुल गांधी मोदी पर हमला कर के लगातार विपक्ष को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि जातिगत जनगणना केवल पहला कदम है। उनका उद्देश्य है कि ओबीसी समाज को न केवल सम्मान मिले, बल्कि देश की व्यवस्था में उनकी बराबरी की भागीदारी भी सुनिश्चित हो।
राहुल ने आगे कहा, “अगर मैं किसी चीज का फैसला कर लूं, तो उसे पूरा करके ही छोड़ता हूं। आप मेरी बहन प्रियंका से पूछिए — मैं कभी पीछे नहीं हटता।”
अंग्रेजी भाषा को लेकर बीजेपी पर निशाना
राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बीजेपी नेता दावा करते हैं कि वे अंग्रेजी भाषा को खत्म करना चाहते हैं। लेकिन जब उनके बच्चों की पढ़ाई की बात आती है, तो वे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में ही पढ़ते हैं। कुछ तो लंदन और अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं। क्या वहां वे हिंदी में पढ़ते हैं? नहीं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी, तमिल, कन्नड़, पंजाबी जैसी क्षेत्रीय भाषाएं जितनी जरूरी हैं, उतनी ही अहमियत अंग्रेजी की भी है। उनका मानना है कि देश में सभी भाषाओं को बराबर सम्मान मिलना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय:
राहुल गांधी के इस बयान से राजनीति में हलचल मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें राहुल गांधी मोदी की लोकप्रियता को सीधे चुनौती दे रहे हैं। ओबीसी सम्मेलन जैसे मंच पर दिया गया यह बयान आने वाले चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
भविष्य की रणनीति:
राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय और भाषा के मुद्दों को लेकर देशभर में अभियान चलाएंगे। इससे साफ है कि कांग्रेस अब सामाजिक आधार पर भाजपा को घेरने की तैयारी में है।
निष्कर्ष
राहुल गांधी के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। जहां एक तरफ उन्होंने पीएम मोदी की छवि को सीधे तौर पर चुनौती दी, वहीं दूसरी ओर उन्होंने ओबीसी समाज को सशक्त बनाने का संदेश भी दिया। आने वाले चुनावी माहौल में उनके ये तेवर किस दिशा में जाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
