गोरखपुर ग्रामीण
प्राइवेट पैथोलॉजी संचालकों के कब्जे में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उरुवा
उरुवा बाजार, गोरखपुर
वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा बाजार प्राइवेट पैथोलॉजी के साथ-साथ फर्जी पैथोलॉजी वालों का गढ़ बन चुका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा पर खून चुसवा गैंग के मकड़जाल के कब्जे में है। हालांकि, सरकार द्वारा बीमारी से संबंधित सभी जांच मुफ्त में कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां काम करने वाले चिकित्सकों की आर्थिक भूख रुक नहीं रही है। चिकित्सक प्राइवेट पैथोलॉजी पर भारी कमीशन की लालच में अपने जमीर को बेचने को मजबूर हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा पूरी तरह प्राइवेट पैथोलॉजी संचालकों के गिरफ्त में है, हालांकि यह राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ का गृह नगर है। पैथालॉजी संचालकों और उनके दर्जनों लड़के हॉस्पिटल से हर दिन सुबह सात बजे से रात दस बजे तक बल्ड सैंपलिंग करते दिखेंगे।
जानकारी के अनुसार, उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इमरजेंसी वार्ड से एक निजी पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट बहुत वायरल हो रही है।
जब मरीज के एक शिक्षित रिश्तेदार ने जांच रिपोर्ट देखा, तो पता चला कि इसमें न तो पैथोलॉजी का स्थान था, न ही रजिस्ट्रेशन नंबर था, और इसमें दिए गए एकमात्र मोबाइल नंबर से भी संपर्क नहीं हो रहा था. यह खबर सोशल मीडिया में वायरल होते ही चिकित्सकों और लैब संचालकों को पसीने छुटने लगे ।
जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अरांव जगदीश के पीकू(PICU )सेंटर के चिकित्सक ने बुधवार की रात लगभग 8:30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के इमरजेंसी वार्ड में रात का शिफ्ट कार्य किया था। उन्होंने मरीज की जांच के बाद उनके परिजनों को ब्लड टेस्ट कराने की बात कही। चिकित्सक ने फर्जी पैथोलॉजी के संचालक को बुलवाकर ब्लड का सैंपल लिया। क्षेत्र में फर्जी जांच रिपोर्ट के नाम पर लोगों से पैसे लेने की खूब चर्चा है।
