महाराजगंज
ग्रामीणों की सतर्कता से उजागर हुई खाद तस्करी, महराजगंज में सचिव राजेश यादव सस्पेंड
महराजगंज: जिले के बृजमनगंज ब्लॉक के बहादुरी बाजार स्थित सहकारी समिति के गोदाम से देर रात यूरिया खाद की कथित तस्करी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सतर्कता से प्रशासन ने समय रहते इस गड़बड़ी को रोक लिया।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार की रात करीब 9 बजे सहकारी समिति के गोदाम से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खाद की बोरियां चुपचाप लादी जा रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों — अब्दुल अव्वल, प्रेमचंद्र चौधरी, भाजपा नेता राघवेंद्र सिंह उर्फ नन्हे और ग्राम प्रधान रमेश सिंह — ने इस गतिविधि को देखकर तुरंत रोकथाम की। ग्रामीणों ने बताया कि सचिव राजेश यादव गोदाम से अंधेरे का फायदा उठाकर खाद की बोरियां बाहर भिजवाने की कोशिश कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही कोल्हुई थाना पुलिस और तहसीलदार वरिष्ठ शर्मा मौके पर पहुंचे। जब अधिकारियों ने सचिव से पूछताछ की, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। राजेश यादव ने दावा किया कि उन्हें रात में गोदाम खोलने और खाद भेजने की अनुमति थी, लेकिन जांच में उनके बयान का कोई दस्तावेजी आधार नहीं मिला।
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प्रशासन ने मामले की गंभीरता देखते हुए सचिव राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और गोदाम को रात 11 बजे सील कर दिया गया। तहसीलदार ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच उपजिलाधिकारी फरेंदा के निर्देश पर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अगर वे समय पर सतर्क नहीं होते तो गोदाम से बड़ी मात्रा में खाद तस्करी हो सकती थी। ग्रामीणों के अनुसार, सचिव पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, लेकिन इस बार सबूतों के साथ मामला उजागर हो गया।
यह घटना दर्शाती है कि जब स्थानीय लोग जागरूक रहते हैं, तो किसी भी अनियमितता को समय रहते रोका जा सकता है। सहकारी समितियों में इस तरह की पारदर्शिता किसानों और ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
