उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार की जरूरत, किसी भी लापरवाही को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त-CM योगी
लखनऊ, 25 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए अधिकारियों से कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग और अनावश्यक कटौती को स्वीकार नहीं करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली अब सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि आम आदमी की ज़रूरत और भरोसे से जुड़ा विषय बन चुकी है। ऐसे में, बिजली व्यवस्था सुधार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
उपभोक्ताओं को मिले सही और समय पर बिल
मुख्यमंत्री ने बिलिंग व्यवस्था पर भी जोर दिया और कहा, “हर उपभोक्ता को हर महीने सही समय पर, स्पष्ट और सटीक बिल मिलना चाहिए। फॉल्स या ओवरबिलिंग जैसी शिकायतें जन विश्वास को तोड़ती हैं और विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर तक तेज़ी से विस्तारित किया जाए, ताकि 31 लाख उपभोक्ताओं को सही बिल मिल सकें। साथ ही, उन्होंने लाइन लॉस को चरणबद्ध रूप से घटाने का निर्देश दिया और तकनीकी सुधारों पर बल दिया।
संसाधन की कोई कमी नहीं, अब सिर्फ सुधार की जरूरत
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, और राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण को मजबूती देने के लिए रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। ऐसे में, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों से उनके क्षेत्रों की आपूर्ति की स्थिति जानने के बाद निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
बिजली ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने ट्रिपिंग की लगातार आ रही शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि प्रत्येक फीडर की तकनीकी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जहां ज़रूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मर क्षमता तुरंत बढ़ाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की स्थिति से बचा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड से प्राप्त शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि जनता को राहत मिले।
बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि
मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य की कुल बिजली उत्पादन क्षमता वर्तमान में 11,595 मेगावाट है, जिसमें थर्मल, जल विद्युत, नवीकरणीय और केंद्रीय योजनाओं की परियोजनाएं शामिल हैं। घाटमपुर और मेजा जैसी नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य की उत्पादन क्षमता अगले दो वर्षों में 16,000 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की सतत निगरानी और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री की अहम पहल
कृषि क्षेत्र के सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने कृषि फीडरों के पृथक्करण और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता पर होना चाहिए, ताकि किसानों को स्थायी राहत मिल सके और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो।
बिजली व्यवस्था सुधार की दिशा में मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि बिजली व्यवस्था सुधार के लिए न तो पैसे की कमी है और न ही संसाधनों की। सरकार ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया है, जिससे अब कोई भी लापरवाही नहीं की जा सकती। उन्होंने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों से बिजली आपूर्ति की स्थिति जानने के बाद कहा कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
संक्षेप में:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सख्त संदेश स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में कोई भी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग, और अनावश्यक कटौती से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में सुधार के लिए पूरी तरह से तैयार है, और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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