उत्तर प्रदेश
खण्ड विकास अधिकारी उरुवा के आदेश पर भारी एडीओ पंचायत की मनमानी
गोरखपुर:
खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय उरुवा पर तैनात
एडीओ पंचायत बृजेश यादव की मनमानी खण्ड विकास अधिकारी उरुवा के आदेश पर भारी पड़ रही है।अपनी समस्या लेकर जब कोई फरियादी खण्ड विकास अधिकारी उरुवा के पास जाता है तो सम्बन्धित मामला जांच के लिए एडीओ पंचायत के पास फरियादी के द्वारा भेजा जाता है।एडीओ पंचायत बृजेश यादव फरियादियों से पहले जबानी अपनी बात रखने को कहते हैं।जबानी बात समझ नहीं आने पर एडीओ पंचायत बिना प्रार्थना पत्र पढ़े फरियादियों से बत्तमीजी से पेश तो आते ही हैं फरियादियों को अपशब्द कहने से भी नहीं हिचकते।और फिर फरियादियों को बाहर बैठ कर इन्तजार करने को बोलते हैं।घण्टो बीत जाने के बाद भी फरियादी की समस्या का समाधान नहीं हो पाता।

ताजा मामला उरुवा क्षेत्र के गांव बेलासपुर निवासी सुनील गहलोत का है।सुनील गहलोत पुर्वांचल भारत न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार हैं।इनके पिता की मृत्यु बीते वर्ष 15 जनवरी 2010 को हुई थी।तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी जयप्रकाश को डेथ सर्टिफिकेट देकर इन्होंने कुटुंब रजिस्टर में अपने पिता को मृतक बताया था।उस वक्त उन्हें प्राप्त कुटुंब रजिस्टर की नकल में सुनील गहलोत के पिता की मृत्यु व दिनांक दर्शाया गया है।बीते 2 जनवरी को सुनील गहलोत को पुनः कुटुंब रजिस्टर के नकल की आवश्यकता पड़ी तो उन्होंने अपने ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश प्रसाद से मिले ।इस बार के प्राप्त कुटुंब रजिस्टर की नकल में उनके स्वर्गीय पिता को न ही मृत दर्शाया गया न ही मृत्यु दिनांक पड़ा है।

अपनी समस्या को लेकर जब सुनील गहलोत ने ग्राम पंचायत अधिकारी उमेश प्रसाद से सम्पर्क किया तो उनसे एफिडेविट की मांग की गई।हैरान परेशान सुनील गहलोत ने अपनी समस्या तथ्यों के साथ लिखित रूप से खण्ड विकास अधिकारी उरुवा भइयन लाल से अवगत कराया।खण्ड विकास अधिकारी उरुवा ने प्रार्थना पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही करने की बात लिखकर एडीओ पंचायत बृजेश यादव को देने की बात कही।सुनील गहलोत जब एडीओ पंचायत बृजेश यादव से मिले तो उन्होंने बिना प्रार्थना पत्र पढ़े अपनी बात मौखिक कहने को कही।सुनील गहलोत ने जब अपना परिचय पत्रकार के रूप में देते हुए अपनी बात कही।तो बृजेश यादव भड़क गए और पत्रकार के साथ अभद्रता पूर्वक पेश आते और प्रार्थना पत्र लौटाते हुए बाहर बैठ कर ईनतजार करने को कहा।घण्टो बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।बताते चलें कि सुनील गहलोत की माता बासमती देवी डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर अपने पति की मृत्यु के पश्चात से ही पेंशन पा रहीं है।
सुनील गहलोत ने अपनी समस्या मुख्यमंत्री पोर्टल सहित शिकायत ट्विटर पर अधिकारियों को करके एडीओ पंचायत व मामले में दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही के साथ ही समस्या के निस्तारण की मांग किया है।
