दिल्ली
General कैटेगरी के 10% आरक्षण हुआ तब विरोध नहीं किया- UGC विवाद पर संजय निषाद का बड़ा बयान
अंबेडकरनगर: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश से पहला सियासी बयान सामने आया है। यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी और विरोध कर रहे छात्रों व संगठनों से संयम बरतने की अपील की है।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश में कोई भी कानून अचानक लागू नहीं किया जाता, बल्कि इसके पीछे एक लंबी संवैधानिक प्रक्रिया होती है। ऐसे में किसी भी कानून का विरोध करने से पहले उसकी मंशा और उद्देश्य को समझना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था, तब इस तरह का विरोध देखने को नहीं मिला।
दरअसल, मंत्री संजय निषाद पुलिस लाइन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने UGC से जुड़े कानून को पूरी तरह सही ठहराया। उन्होंने कहा कि इस कानून से पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में समानता आएगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी। सरकार का उद्देश्य किसी वर्ग को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।
उन्होंने आगे कहा कि देश में अलग-अलग नियमों के कारण छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रहती है, लेकिन UGC कानून लागू होने से सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे। मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और सरकार की मंशा को समझें। सरकार लगातार शिक्षा सुधार की दिशा में काम कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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इस दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बाद मंत्री संजय निषाद ने अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महात्मा कभी नाराज नहीं होते, बल्कि कई बार लोगों की गलतफहमियों और व्यवहार के कारण ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं। संजय निषाद ने कहा कि समाज महात्माओं के पदचिह्नों पर चलता है और उनके विचार ही समाज को दिशा देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मामला जल्द ही शांत होगा और हालात सामान्य हो जाएंगे।
