Connect with us

झारखण्ड

झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के नए नेता “चंपई सोरेन”

Published

on

झारखण्ड

पैरों में चप्पल, ढ़ीली शर्ट-पैंट और सिर में सफेदी यही चंपई सोरेन की पहचान है।

वे एक शांत जीवन जीते हैं।

किसी ने उन्हें टैग करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। फिर कुछ ही मिनटों में उसका समाधान। ये सब करते रहो, चंपई सोरेन।

झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के नए नेता चंपई सोरेन का ‘फ़कीराना व्यवहार’

अब वे झारखंड का नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें झारखंड की सत्ताधारी गठबंधन की विधायकों ने अपना नेता चुना है।

Advertisement

ये संकेत मिलने लगे कि हेमंत सोरेन पद छोड़ सकते हैं, प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ को लेकर।

मंगलवार से मीडिया ने हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को नए मुख्यमंत्री के पद पर नामांकित करने की चर्चा की।

लेकिन बुधवार शाम को चंपई सोरेन का नाम नए नेता के रूप में सामने आया।

कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने बुधवार रात झारखंड की राजधानी रांची में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात के बाद कहा, “हेमंत सोरेन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। हमारे संगठन ने चंपई सोरेन जी को नेता चुना है। हमने 43 विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र को भेजा है। हमारे पास 47 विधायक हैं। नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को शपथ ग्रहण करने के लिए अभी राज्यपाल को समय नहीं मिला है। उनका कहना था कि वे पहले आपके पेपर को देखेंगे, फिर आपको समय देंगे।”

चंपई सोरेन कौन हैं? आइए जानते है-

झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन और उनके बेटे हेमंत सोरेन सोरेन दोनों के विश्वासपात्र रहे हैं, जो 67 वर्षीय हैं।

Advertisement

वे परिवहन और खाद्य व आपूर्ति विभागों को हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में देख रहे थे। चंपई सोरेन कौन हैं? आइए जानते है-

झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन और उनके बेटे हेमंत सोरेन सोरेन दोनों के विश्वासपात्र रहे हैं, जो 67 वर्षीय हैं।

वे परिवहन और खाद्य व आपूर्ति विभागों को हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में देख रहे थे।

वे झारखंड राज्य गठन के आंदोलन में शिबू सोरेन के निकट सहयोगी रहे हैं।

वे झारखंड विधानसभा में सरायकेला सीट से सांसद हैं। वे सात बार इस सीट से विधायक रहे हैं।

यह गांव जिलिंगगोड़ा है, जो सरायकेला खरसांवा जिले के गम्हरिया प्रखंड में है।

Advertisement

उनके पिता, सेमल सोरेन, एक कृषक थे। 2020 में 101 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई।

चंपई सोरेन अपने माता-पिता की छह संतानों में तीसरी संतान हैं। उनकी मां माधो सोरेन घरेलू काम करती थीं।

मानको सोरेन का विवाह बहुत छोटी उम्र में चंपई सोरेन से हुआ था। इस जोड़े को सात संताने हैं।

1991 में पहली जीत: 1991 में सरायकेला सीट के उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और तत्कालीन बिहार विधानसभा के सदस्य बन गए। तब वहाँ के तत्कालीन विधायक कृष्णा मार्डी ने इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण उपचुनाव हुआ। 1995 में वे फिर चुनाव जीते, लेकिन 2000 में हार गए।

उन्होंने 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में फिर से जीत हासिल की और उसके बाद कभी नहीं हारे। वे इस सीट से छह बार विधायक रहे हैं।

11 नवंबर 1956 को जन्मे चंपई सोरेन ने सिर्फ दसवीं तक पढ़ाई की है।

Advertisement

क्यों छोड़ी कुर्सी ने हेमंत सोरेन-

ईडी अधिकारियों ने बुधवार को हेमंत सोरेन से पूछताछ की। जमीन की कथित हेराफेरी का एक पुराना मामला इस पूछताछ का विषय है।

ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर समय की मांग की।

31 जनवरी की दोपहर एक बजे हेमंत सोरेन ने इन अधिकारियों को अपने निवास पर बुलाया था।

पिछले 20 जनवरी को भी ED ने उनसे इसी मामले में पूछताछ की थी। बाद में कहा गया कि पूछताछ पूरी नहीं हो सकी।

29 जनवरी की सुबह, ED के अधिकारी पहले भी मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित आवास पर गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में हेमंत सोरेन की कथित लापता होने की खबरें भी आईं।

इसके अगले ही दिन हेमंत सोरेन रांची में दिखाई दिए। विधायकों की बैठकों में भाग लिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी ED ने कथित खनन घोटाले में पूछताछ की थी। हेमंत सोरेन इन मामलों में पहले अभियुक्त नहीं है। ईडी को उनकी पार्टी ने केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया है। अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुलकर ईडी से मुकदमा करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी ED ने कथित खनन घोटाले में पूछताछ की थी। हेमंत सोरेन इन मामलों में पहले अभियुक्त नहीं है। ईडी को उनकी पार्टी ने केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया है। अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुलकर ईडी से मुकदमा करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

Advertisement
Share this with your friends:
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप न्यूज़

ugc niyam supreme court stay
टॉप न्यूज़3 months ago

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का अखिलेश यादव और मायावती ने किया समर्थन, फैसले को बताया न्यायोचित

Shankaracharya
ताज़ा ख़बर3 months ago

40 दिन में गोमाता को राज्य माता घोषित करें, नहीं तो आंदोलन होगा… शंकराचार्य का योगी सरकार को अल्टीमेटम

UP Cabinet Decisions
उत्तर प्रदेश3 months ago

UP Cabinet Decision: यूपी के 15 लाख शिक्षकों व कर्मियों को बड़ी राहत, अब मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज

budget 2026 news
दिल्ली3 months ago

भारत वित्तीय सत्र: पहले बजट से लेकर आज तक का सफर; क्या 2026 के बजट में होगा बड़ा उलटफेर?

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन
ताज़ा ख़बर3 months ago

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन, बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश; 5 लोगों की मौत

UGC के नए नियम 2026 क्या हैं? देशभर में विरोध क्यों हो रहा है, जानिए पूरा मामला
दिल्ली3 months ago

UGC के नए नियम 2026 क्या हैं? देशभर में विरोध क्यों हो रहा है, जानिए पूरा मामला

UGC Rules 2026
उत्तर प्रदेश3 months ago

यूजीसी नियमों पर सियासी विरोधाभास: बृजभूषण शरण सिंह के एक बेटे का समर्थन, दूसरे का खुला विरोध

Lalitpur Road Accident
अपराध3 months ago

ललितपुर सड़क हादसा: मंत्री के बेटे की फॉर्च्यूनर ने बाइक सवारों को कुचला, धमकी देकरकर भागा

UGC Bill पर संजय निषाद का बड़ा बयान
दिल्ली3 months ago

General कैटेगरी के 10% आरक्षण हुआ तब विरोध नहीं किया- UGC विवाद पर संजय निषाद का बड़ा बयान

Advertisement

Trending

free counter

हमारे बारे में-

पूर्वांचल भारत न्यूज एक रजिस्टर्ड न्यूज पोर्टल है ।
इसका उद्देश्य पूर्वांचल भारत के साथ ही देश दुनियां की खबरों व जानकारियों को हमारे दर्शकों को रोचक अंदाज में पहुंचना है। युवाओं को रोजगार सम्बन्धित जानकारी के साथ ही हर वर्ग की समस्या को हम उठा सकें यही हमारी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और जनसमस्याओं से जुड़े समाचारों पर भी हमारा विशेष ध्यान होता है ।


प्रबन्धक / निदेशक:

जे. समरजीत जैसवार

प्रधान सम्पादक :

आदित्य धनराज

सम्पादक : अजय कुमार 

सलाहकार सम्पादक : जे०पी० 

सलाहकार सम्पादक : ब्रिजेन्द्र सिंह 

उपसम्पादक : एस.के. मिश्रा

उपसम्पादक : कमलेश यादव

उपसम्पादक : धीरेन्द्र कुमार

उपसम्पादक : नीतू यादव

सम्पादकीय :  मनीष कुमार

विज्ञापन और प्रसार प्रबन्धक: आदित्य धनराज

Our Visitor

037777
Total views : 43981


प्रधान कार्यालय :

कूड़ाघाट, निकट एम्स हॉस्पिटल मोहद्दीपुर, 

गोरखपुर, उo प्रo । पिन-273008

सम्पादकीय कार्यालय :

राम जानकी मार्ग, उरुवा बाजार, गोरखपुर
पिन-273407

Copyright © 2021. Powered by “PURVANCHAL BHARAT NEWS”

You cannot copy content of this page