उत्तर प्रदेश
बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार: ऊर्जा विभाग ने दिए सख्त निर्देश, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
लखनऊ, ऊर्जा संवाददाता
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए ऊर्जा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री के स्तर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि “बिजली सेवाओं को सिर्फ तकनीकी नहीं, अब मानवीय नजरिए से भी देखा जाएगा।”
“निर्बाध और निरंतर विद्युत आपूर्ति करने, विद्युत सेवाओं को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने के लिए और ऊर्जा विभाग के कार्यों को जनता के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु UPPCL एवं DISCOM तथा क्षेत्रीय अधिकारियों सहित पूरे प्रबंधन को मैंने अनेक बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए हैं।“
यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL), सभी डिस्कॉम (DISCOM) और क्षेत्रीय अधिकारियों को 12 बिंदुओं पर तुरंत क्रियान्वयन के आदेश दिए गए हैं। इनमें बिना कारण बिजली कटौती, गलत बिलिंग, ट्रांसफार्मर की देरी, कॉल सेंटर की अनदेखी और संविदा कर्मियों की मनमानी छंटनी जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🔎 आदेशों की प्रमुख बातें विस्तार से:
✅ 1. छोटे बकाया पर बिजली काटना बंद हो
अब मामूली बकाया होने या उपभोक्ता द्वारा भुगतान की मंशा जाहिर करने के बावजूद बिजली काट देना गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे मामलों में कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
✅ 2. सामूहिक दंड की प्रथा समाप्त हो
अगर किसी उपभोक्ता का बिल बकाया है तो पूरे गांव या फीडर की बिजली नहीं काटी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं ने बिल समय से चुकाया है, उनके साथ अन्याय नहीं होगा।
✅ 3. ट्रांसफार्मर बदलने में देरी न हो
बकाया वसूली और ट्रांसफार्मर मरम्मत/बदलाव को अलग-अलग प्रक्रिया माना जाएगा। ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
✅ 4. ओवरलोड और लो-वोल्टेज पर सटीक समाधान हो
“ऑफिशियल लोड कम है” या “लाइन लॉस ज़्यादा है” जैसे बहाने नहीं चलेंगे। ओवरलोड फीडर और ट्रिपिंग की शिकायतों का वास्तविक हल किया जाए। बिजली चोरी रोकने के नाम पर आपूर्ति ठप करना अनुचित है।
✅ 5. ट्रांसफार्मर लगाने में लापरवाही नहीं चलेगी
रिपोर्टिंग से लेकर इंस्टॉलेशन तक अगर देरी हो रही है तो उसके लिए ज़िम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
✅ 6. गलत बिलिंग और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
कंप्यूटर जनित बिलिंग में आ रही गड़बड़ियों को तुरंत सुधारा जाए। उपभोक्ता को बार-बार गलत बिल भेजना एक गंभीर लापरवाही है और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तत्काल सख्ती बरती जाए।
✅ 7. मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार शटडाउन नहीं
एक ही फीडर पर दिन में कई बार बिजली काटना अब नहीं चलेगा। अगर मेंटेनेंस जरूरी हो, तो एक दिन में अधिकतम दो बार (सुबह और दोपहर) और वह भी पूर्व सूचना देकर ही बिजली काटी जाए।
✅ 8. संविदा कर्मियों की मनमानी छंटनी की जांच
कुशल व निष्ठावान संविदा कर्मियों को हाल ही में निकाले जाने की खबरों पर चिंता जताई गई है। उनकी जगह अकुशल या नए कर्मचारियों की भर्ती की जांच होगी। दोषियों पर कार्रवाई तय।
✅ 9. अधिकारी फोन नहीं उठाएँगे, यह नहीं चलेगा
1912 टोल फ्री नंबर पर कॉल उठाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यह नंबर सिर्फ एक ऑप्शन नहीं, बल्कि उपभोक्ता संवाद का मुख्य माध्यम है।
✅ 10. शिकायत का अंतिम समाधान ही हो “क्लोज”
कोई भी शिकायत तब तक बंद नहीं मानी जाएगी, जब तक उसका स्थायी समाधान नहीं हो जाता। केवल जवाब देकर शिकायत को “निस्तारित” करना गलत माना जाएगा।
✅ 11. शिकायत समाधान के लिए तीन शिफ्टों में जिम्मेदारी
अब 24×7 शिकायत समाधान सुनिश्चित करने के लिए UPPCL और DISCOM में निदेशक स्तर के अधिकारी तीनों शिफ्टों में ड्यूटी पर रहेंगे।
✅ 12. विजिलेंस टीम सिर्फ बड़ी चोरी पर ध्यान दे
छोटी चोरी की जगह अब विजिलेंस टीम संगठित और बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी पर केंद्रित होगी। इससे ईमानदार उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी।
📌 निष्कर्ष:
इन निर्देशों से साफ है कि राज्य सरकार अब बिजली सेवाओं में आम उपभोक्ता की तकलीफों को हल्के में नहीं ले रही। अब बिजली विभाग को जवाबदेह बनाकर जनता की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों को आज से ही निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और कहा है कि हर कार्रवाई की सूचना मुख्यालय को भेजी जाए।
✅ यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
- लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली ट्रिपिंग, गलत बिलिंग और सुनवाई की कमी से जूझना पड़ता था।
- पहली बार, ऊर्जा विभाग ने खुद इन मुद्दों को स्वीकार कर जवाबदेही तय करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
- ये कदम सिर्फ तकनीकी नहीं, प्रशासनिक सुधार का संकेत हैं — जिसमें उपभोक्ता को केंद्र में रखा गया है।
#ऊर्जा_विभाग, #UPPCL, #बिजली_सेवा_सुधार, #गलत_बिलिंग, #उपभोक्ता_हित, #DISCOM, #UP_बिजली, #ElectricityReform, #PowerToPeople, #UPNews, #EnergyForAll, #NayeBharatKaNayaUP, #GoodGovernance, #HumaraUP #VikasExpress
-
गोरखपुर ग्रामीण2 weeks agoदीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह का असमय निधन
-
उत्तर प्रदेश6 days agoबरेली DM पर ‘बंधक बनाने’ के आरोपों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बैठक में क्या हुआ? ADM ने सामने रखी पूरी तस्वीर
-
उत्तर प्रदेश1 week agoबिना पुख्ता साक्ष्य जेल भेजने का आरोप: बांसगांव पुलिस पर सवाल, पीड़ित परिवार ने SSP से मांगा न्याय
-
ताज़ा ख़बर2 weeks agoउरुवा बाज़ार नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में हंगामा, सभासदों पर अभद्रता के आरोप, थाने में दी गई शिकायत
-
ताज़ा ख़बर6 days agoUGC Rules 2026: यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में जातिगत भेदभाव पर नए नियम, 4 बड़े सवालों के साथ क्यों बना सवर्ण बनाम SC/ST-OBC का मुद्दा
-
गोरखपुर ग्रामीण6 days agoGorakhpur: गोला उपनगर में माल लदी मैजिक नहर में पलटी, चालक बाल-बाल बचा… स्कॉर्पियो चालक फरार
-
अपराध6 days agoगोरखपुर में जमीन विवाद बना जानलेवा, बेटे की हत्या मामले में एक ही परिवार के चार सदस्य गिरफ्तार
-
उत्तर प्रदेश2 weeks agoचार हत्याएं, एक सच्चाई: एटा में बेटे ने ही रची खूनी साजिश, एक ही झटके में परिवार के चार सदस्यों की हत्या
-
गोरखपुर ग्रामीण2 weeks agoगोरखपुर में शुरू होंगी मुख्यमंत्री जनता सेवा बसें: 11 ग्रामीण रूटों पर 20% सस्ता किराया, यात्रियों को मिलेगी नियमित सुविधा
