गोरखपुर शहर
गोरखपुर के मरीज हो रहे है झोलाछाप डोक्टरों के ठगी का शिकार, स्वास्थ्य विभाग है मेहरबान, आखिर कैसे लगेगी लगाम
पूर्वांचल भारत न्यूज़ गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने एक फरमान जारी किया उन्होंने सभी बूचड़खाने बंद करने का आदेश दिया था |
उत्तर प्रदेश में बकरा काटने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है लेकिन मरीजों का छेड़छाड़ करने के लिए किसी भी लाइसेंस व डिग्री की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के गृह जनपद गोरखपुर चौरी चौरा क्षेत्र में नहीं दिख रहा है |
दिखावे के लिए स्वास्थ्य महकमा बीच-बीच में सभी क्षेत्रों में छापेमारी तो करता ही है लेकिन छापेमारी के दौरान कार्यवाही क्या होती है यह कभी पता नहीं चल पाता |
कभी कभी कार्यवाही के नाम पर सेंटरों को सील भी किया गया लेकिन वह सील कब तक रहता है यह कोई बता नहीं सकता क्योंकि जिस सेंटर को सील किया जाता है वह सेंटर फिर चालू हो जाता है इस पर स्वास्थ्य महकमा क्या जवाब दे सकता है यह तो सोचने वाला विषय है |
जब स्वास्थ्य विभाग से संबंधित खबरें प्रकाशित होती हैं तो स्वास्थ्य महकमा काफी सक्रिय होता है और क्षेत्र में छापेमारी की जाती है हालांकि अधिकांश संचालक फरार हो जाते हैं सवाल यह भी है कि उनको पता कैसे चलता है कि आज हमारी होने वाली है इतना ही नहीं चौरी चौरा क्षेत्र के किसी भी अवैध हॉस्पिटल, एक्स रे सेंटर ,पैथोलॉजी इत्यादी की खबर एक बार या दो बार प्रकाशित होने के बाद तक कोई कार्यवाही नहीं होती है |
जब बार-बार खबरें प्रकाशित होती है तब जाकर स्वास्थ्य महकमा अपनी गहरी निद्रा से उठता है और जाकर वहां पर कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति करता है |
इन दिनो चौरी चौरा तहसील क्षेत्र के भोपा बाजार, डुमरी ,सरदारनगर ,सोनबरसा, नईबाजार ,झंगहा, मोतीराम, तरकुलहा, बदुरहिया रामपुरा, दुबौली सहित तमाम छोटे-बड़े चौराहों पर अवैध झोलाछाप ठग डॉक्टरों का गिरोह सक्रिय है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन पर कब तक मेहरबान रहेगा या फिर गरीब मरीजों का कब तक ऐसे ठगो द्वारा शोषण होता रहेगा यह तो बहुत बड़ा सवाल है।
उत्तर प्रदेश
पूर्वांचल विद्युत निगम में हजारों अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में, कर्मचारी संगठनों ने खोला मोर्चा
गोरखपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में नई ठेकेदारी व्यवस्था लागू होने से तीन हजार से अधिक अनुबंध आधारित कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। विद्युत कर्मी संगठनों ने इस फैसले के विरुद्ध जोरदार विरोध शुरू कर दिया है और मुख्यमंत्री से दखल देने की गुहार लगाई है।
गोरखपुर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में नई टेंडर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में अनुबंध पर काम कर रहे बिजली कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। इस निर्णय से कर्मचारियों में तीव्र असंतोष फैल गया है और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की है।
नई व्यवस्था से हो रही बड़े स्तर पर छंटनी
संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह, जीवेश नंदन, जितेंद्र कुमार गुप्ता, सीबी उपाध्याय, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान, संदीप श्रीवास्तव, करुणेश त्रिपाठी, ओम गुप्ता, राजकुमार सागर, विजय बहादुर सिंह और राकेश चौरसिया ने मीडिया को बताया कि निगम प्रशासन प्रतिदिन सैकड़ों संविदा आधारित कर्मचारियों को सेवा से हटा रहा है। इस वजह से कार्यालयों में काम का माहौल बिगड़ गया है और बचे हुए कर्मियों पर काम का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
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एस्मा कानून लगाने पर जताया विरोध
कर्मचारी संगठनों ने अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) को लागू किए जाने की भी कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि बिजली विभाग में पिछले पच्चीस सालों से यह कानून चल रहा है, और अब इसे राज्य सरकार के कर्मचारियों, नगर निकाय तथा निगम कर्मियों पर भी थोपा जा रहा है। संगठनों ने इसे जनतांत्रिक मूल्यों और कर्मचारी अधिकारों पर प्रहार बताया है।
मुख्यमंत्री से की गई विशेष अपील
समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया तुरंत रोकने का आग्रह किया है। कर्मचारी नेताओं ने याद दिलाया कि मई 2017 में जारी सरकारी आदेश में शहरी इलाकों के उपकेंद्रों में 36 और गांवों में 20 कर्मचारी तैनात करने का नियम था, परंतु नए ठेके में लगभग आधे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
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वर्टिकल पुनर्गठन योजना पर उठे सवाल
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि वर्टिकल पुनर्संरचना योजना की असफलता के बावजूद निगम प्रबंधन इसे दूसरे शहरों में भी लागू करने पर तुला है। संगठनों का मानना है कि इसका असली मकसद बिजली वितरण को निजी फ्रेंचाइजी कंपनियों को सौंपना है, जिससे सरकारी नौकरियां खत्म होंगी और बिजली सेवाएं कमजोर पड़ेंगी।
कई जनपदों में पदों को समाप्त करने की तैयारी
समिति के अनुसार भदोही, मिर्जापुर, आजमगढ़, मऊ और फतेहपुर के अतिरिक्त अब सीतापुर, रायबरेली, उन्नाव और हरदोई जिलों में भी वर्टिकल पुनर्गठन कर पदों को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि पावर कॉर्पोरेशन का प्रबंधन निजीकरण की ओर बढ़ते हुए प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल रहा है।
तीन हजार से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया गया
संगठन द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी से 417, कुशीनगर से 450, बस्ती से 453, गोरखपुर से 326, भदोही से 429, सोनभद्र से 535, प्रयागराज से 526 और कौशांबी से 569 संविदा कर्मचारियों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। कुल मिलाकर करीब 3705 अनुबंध कर्मियों की नौकरी जाने से उनमें तीव्र आक्रोश है और वे आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बना रहे हैं।
380 दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन 380वें दिन भी जारी रहा। सभी जिलों में बिजली कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया और छंटनी रोकने, एस्मा कानून वापस लेने तथा निजीकरण की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को दोहराया।

उत्तर प्रदेश
थाना उरुवा में डीआईजी का आकस्मिक निरीक्षण, अभिलेखों के रखरखाव और साफ-सफाई सुधारने के निर्देश
डीआईजी एस.एस. चन्नप्पा ने थाना उरुवा का अचानक निरीक्षण किया। अभिलेखों, महिला हेल्प डेस्क, साइबर डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र को और बेहतर रखने के निर्देश दिए।
गोरखपुर: शनिवार को डीआईजी रेंज गोरखपुर एस.एस. चन्नप्पा ने थाना उरुवा पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव और विभिन्न डेस्कों के संचालन की बारीकी से समीक्षा की।
डीआईजी ने सबसे पहले थाना कार्यालय में प्रचलित अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव को संतोषजनक बताते हुए कहा कि सभी रिकॉर्ड और अधिक सुव्यवस्थित व अपडेटेड स्थिति में होने चाहिए। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
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निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने महिला हेल्प डेस्क व साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों डेस्कों का संचालन पूरी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ होना चाहिए, ताकि पीड़ितों को समय पर उचित सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामलों की कार्यवाही समयबद्ध हो और पीड़ितों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
गोरखपुर महोत्सव 2026 का शेड्यूल जारी, बड़े कलाकारों की प्रस्तुति बनेगी खास
इसी क्रम में डीआईजी ने नवगठित मिशन शक्ति केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और साफ-सफाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए एक सशक्त मंच बने, इसके लिए सभी प्रावधान बेहतर ढंग से संचालित किए जाएं।
निरीक्षण के बाद डीआईजी ने थाना परिसर की समग्र साफ-सफाई पर भी संतोष जताया और जरूरत के अनुसार सुधार करने के सुझाव दिए।
AIIMS गोरखपुर के डॉक्टरों का कमाल: बिना बेहोश किए टूटी हड्डी की सर्जरी कर रच दिया इतिहास
जनहित में महत्वपूर्ण सूचना
अगर आपको किसी भी प्रकार की अपराधिक गतिविधि, उत्पीड़न, साइबर फ्रॉड या आपात स्थिति की जानकारी मिलती है, तो बिना देर किए उत्तर प्रदेश पुलिस को अवश्य सूचित करें।
आपकी सूचना किसी बड़ी घटना को रोक अथवा बड़ी मदद बन सकती है।
📞 UP Police Helpline: 112
📞 महिला हेल्पलाइन: 1090
📞 साइबर फ्रॉड रिपोर्ट: 1930
गोरखपुर ग्रामीण
गोरखपुर महोत्सव 2026 का शेड्यूल जारी, बड़े कलाकारों की प्रस्तुति बनेगी खास
Gorakhpur: पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान में शामिल हो चुके गोरखपुर महोत्सव की तारीख आखिरकार तय कर दी गई है। वर्ष 2026 में होने वाला यह बड़ा आयोजन इस बार चम्पा देवी पार्क की खूबसूरत हरियाली और खुले वातावरण में 11 से 13 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस महोत्सव को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और स्थानीय लोग इसकी तैयारियों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
तैयारियों पर हाई-लेवल मीटिंग
मंडलायुक्त सभागार में हुई महत्वपूर्ण बैठक में सदर सांसद रवि किशन ने सभी विभागों को समय से और बेहतरीन व्यवस्थाओं के साथ तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में यह सहमति बनी कि–
- महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री करेंगे
- समापन एवं पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे
इस बार कार्यक्रम को और बेहतर व आकर्षक बनाने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
चचाईराम, ऊरूवा नगर पंचायत के महंत पंचानन पुरी जी का निधन, सीएम योगी के भी थे करीबी
गोरखपुर में प्रेम संबंध का विवाद: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति का गला रेता
AIIMS गोरखपुर के डॉक्टरों का कमाल: बिना बेहोश किए टूटी हड्डी की सर्जरी कर रच दिया इतिहास
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देश के बड़े कलाकार करेंगे प्रस्तुति
गोरखपुर महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण इस बार भी राष्ट्रीय कलाकार ही रहेंगे।
- भोजपुरी गायक पवन सिंह अपने दमदार स्टेज शो के साथ माहौल को रोमांचित करेंगे
- लोक संगीत की लोकप्रिय कलाकार मैथिली ठाकुर अपनी मधुर आवाज़ से कार्यक्रम को यादगार बनाएंगी
स्थानीय कलाकारों के लिए भी खास मंच तैयार किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय कला को नई ऊँचाई मिल सके।
17 जनवरी तक चलेगा विशाल शिल्प मेला
महोत्सव के साथ-साथ इस बार शिल्प मेला भी और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। 17 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में—
- स्थानीय शिल्पकार
- देशभर से आए कारीगर
- हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कलाएँ
- नवाचार और उद्यमिता से जुड़े उत्पाद
प्रदर्शित किए जाएंगे। व्यापार के लिए यह मेला एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
चचाईराम, ऊरूवा नगर पंचायत के महंत पंचानन पुरी जी का निधन, सीएम योगी के भी थे करीबी
व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा—हर विभाग को जिम्मेदारी
बैठक में महोत्सव की पूरी संरचना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे—
- चम्पा देवी पार्क में मुख्य मंच व सांस्कृतिक क्षेत्र की शानदार सजावट
- आगंतुकों के लिए साफ़-सुथरी पार्किंग, सुगम प्रवेश व निकास मार्ग
- सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती, ट्रैफिक कंट्रोल और सीसीटीवी कैमरे
- मेडिकल कैंप, कंट्रोल रूम और इमरजेंसी सेवाओं की तैयारी
- शिल्प मेले के स्टॉलों का आवंटन और निरंतर निगरानी व्यवस्था
सांसद रवि किशन ने कहा कि इस बार गोरखपुर महोत्सव को “नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना” लक्ष्य है।
मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सभी विभागों को समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया।
इस बैठक में GDA उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, सचिव पुष्पराज सिंह, पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जयसवाल, CMO राजेश झा, ADM सिटी अंजनी कुमार सिंह, SP ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, उप नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, उप निदेशक पर्यटन राजेंद्र प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर में प्रेम संबंध का विवाद: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति का गला रेता
संस्कृति और कला का बड़ा उत्सव
गोरखपुर महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन, शिल्प, भोजन परंपरा और सामाजिक सहभागिता का विशाल संगम है। इस बार—
- थीम आधारित सजावट
- बड़े फूड कोर्ट
- मनोरंजन कार्यक्रम
- बच्चों और परिवारों के लिए विशेष गतिविधियाँ
महोत्सव को और भी आकर्षक बनाने वाली हैं। हजारों आगंतुकों के लिए यह आयोजन एक शानदार अनुभव बनने की पूरी संभावना है।
गोरखपुर ग्रामीण
चचाईराम, ऊरूवा नगर पंचायत के महंत पंचानन पुरी जी का निधन, सीएम योगी के भी थे करीबी
उरुवा नगर पंचायत:- चचाईराम क्षेत्र के संत और समाजसेवी महंत पंचानन पुरी जी का आज अकास्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय लोगों ने इसे आध्यात्मिक जगत और समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
महंत पंचानन पुरी जी का प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी करीबी माने जाते थे। धार्मिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा के माध्यम से उन्होंने लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई थी।

भक्तों और परिचितों के अनुसार, महंत जी हमेशा धार्मिक मार्गदर्शन, सद्भाव और समाजसेवा के लिए समर्पित रहे। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण का उत्तम उदाहरण था।
क्षेत्रवासियों ने महंत पंचानन पुरी जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
गोरखपुर में प्रेम संबंध का विवाद: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति का गला रेता
AIIMS गोरखपुर के डॉक्टरों का कमाल: बिना बेहोश किए टूटी हड्डी की सर्जरी कर रच दिया इतिहास
Gorakhpur News: रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध युवक के सूटकेस से 99 लाख 9 हजार रुपये बरामद, आयकर विभाग जांच में जुटा
ग्रामीणों की सतर्कता से उजागर हुई खाद तस्करी, महराजगंज में सचिव राजेश यादव सस्पेंड
अपराध
गोरखपुर में प्रेम संबंध का विवाद: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति का गला रेता
उरुवा क्षेत्र में अवैध संबंध के शक पर पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति का गला रेतने की कोशिश की। घायल युवक की हालत गंभीर है और दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं।
उरुवा/गोरखपुर – गोरखपुर के उरुवा इलाके में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां अवैध संबंध के शक में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति पर जानलेवा हमला कर दिया। दोनों ने मिलकर पहले पति को बांधा, फिर धारदार हथियार से उसका गला रेतने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल युवक फिलहाल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
घायल की पहचान ग्राम दुघरा निवासी प्रदुम उर्फ चैतू चौरसिया, पुत्र दूधनाथ चौरसिया, के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रदुम को अपनी पत्नी के व्यवहार पर पहले से ही शक था। उसे संदेह था कि पत्नी का प्रेम प्रसंग गोला डीहवा निवासी से चल रहा है। इसी बात को लेकर पिछले कई महीनों से घर में तनाव बना हुआ था।
चचाईराम, ऊरूवा नगर पंचायत के महंत पंचानन पुरी जी का निधन, सीएम योगी के भी थे करीबी
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय प्रदुम घर पर अकेला था। इसी दौरान पत्नी ने प्रेमी को बुलाया और दोनों ने मिलकर प्रदुम को रस्सी से बांध लिया। इसके बाद धारदार हथियार से उस पर हमला कर उसका गला रेत दिया। प्रदुम की तेज चीखें सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ से हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया।
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Gorakhpur News: रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध युवक के सूटकेस से 99 लाख 9 हजार रुपये बरामद, आयकर विभाग जांच में जुटा
ग्रामीणों की सतर्कता से उजागर हुई खाद तस्करी, महराजगंज में सचिव राजेश यादव सस्पेंड
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। पुलिस टीम ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है। दोनों आरोपी पत्नी और प्रेमी को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ा रही है।
वारदात के बाद इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है। लोग अवैध संबंधों से जुड़े बढ़ते अपराधों पर चिंता जता रहे हैं। उधर, घायल प्रदुम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी साउथ भी थाने के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी घटना की बारीकी से जांच की।
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गोरखपुर ग्रामीण
Gorakhpur News: रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध युवक के सूटकेस से 99 लाख 9 हजार रुपये बरामद, आयकर विभाग जांच में जुटा
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति से 99 लाख 9 हजार रुपये बरामद किए। युवक रकम के स्रोत का खुलासा नहीं कर सका। अब आयकर विभाग जांच में जुट गया है।
गोरखपुर: बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने सघन चेकिंग अभियान तेज कर रखा है। इसी दौरान गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम को शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
जानकारी के अनुसार, स्टेशन के वीआईपी गेट नंबर-2 पर खड़े एक संदिग्ध व्यक्ति के सूटकेस से 99 लाख 9 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अधिकारी विशेष निर्देशों के तहत स्टेशन परिसर में जांच अभियान चला रहे थे।
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संदिग्ध युवक से मिली बड़ी रकम
सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि जब युवक संदिग्ध अवस्था में खड़ा नजर आया तो उसकी हरकतों पर संदेह हुआ। पूछताछ के बाद जब उसके सूटकेस की तलाशी ली गई तो अंदर काले पॉलिथीन में पैक नकदी के कई बंडल मिले।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुकुंद माधव (निवासी मोकामा, बिहार) बताया। उसने दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे ये सूटकेस बगहा से मोकामा पहुंचाने को दिया था। वह गोरखपुर ट्रेन बदलने के लिए रुका था। हालांकि, वह यह स्पष्ट नहीं कर सका कि यह रकम किसकी थी, किस उद्देश्य से भेजी जा रही थी, और मोकामा में किसे दी जानी थी।
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आयकर विभाग को सौंपी गई जांच
संदिग्ध जवाबों और असंगत बातों के कारण अधिकारियों ने रकम को संदिग्ध मानते हुए आयकर विभाग (Income Tax Team) को सूचना दी।
आरपीएफ जीओ विक्रम कुमार सिंह ने बताया कि “आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। नकदी की गिनती, नोटों के नंबर और युवक के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है।”
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि यह रकम चुनावी खर्च या अवैध लेनदेन से जुड़ी हो सकती है। यदि ऐसा पाया गया, तो युवक और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
घटना के बाद रेलवे स्टेशन और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी और सख्त कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार चुनाव के दौरान इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए हर ट्रेन, स्टेशन और सीमावर्ती इलाकों में लगातार चेकिंग जारी रहेगी।
यह बरामदगी न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है बल्कि यह भी संकेत देती है कि चुनावी सीजन में नकदी के अवैध परिवहन को लेकर सतर्कता कितनी जरूरी है।
अपराध
गोरखपुर: नाबालिग के साथ दुष्कर्म पर दोषी को 20 साल की कठोर सजा, अदालत ने लगाया ₹39,000 जुर्माना
गोरखपुर: नाबालिगों के प्रति होने वाले अपराधों में त्वरित और कठोर न्याय की दिशा में गोरखपुर कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में अभियुक्त को 20 साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है। इस ऐतिहासिक फैसले के वक्त कोर्टरूम में सन्नाटा छा गया और सज़ा की घोषणा होते ही आरोपी जज के सामने फूट-फूटकर रोने लगा।
अदालत का यह सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। यह महत्वपूर्ण फैसला पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान की प्रभावी सफलता को भी दर्शाता है।
2022 की घटना: सहजनवां क्षेत्र में जघन्य अपराध
यह मामला साल 2022 का है। गोरखपुर के सहजनवां थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया।
सहजनवां पुलिस ने अभियुक्त आकाश चौरसिया पुत्र राजकुमार चौरसिया (निवासी मटियारी) के खिलाफ तत्काल मुकदमा संख्या 311/2022 दर्ज किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने फौरन जांच शुरू कर दी।
इन धाराओं में हुई थी कार्रवाई: इस गंभीर मामले में अभियुक्त के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363, 366, 377, 504, 506 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5/6 के तहत कड़ी कार्रवाई की गई थी।
कौशांबी में पुलिस एक्शन: बिना हेलमेट पुलिसकर्मी का भी चालान, DM-SP बोले – “कानून सबके लिए बराबर”
गोरखपुर: नाबालिग के साथ दुष्कर्म पर दोषी को 20 साल की कठोर सजा, अदालत ने लगाया ₹39,000 जुर्माना
विशेष कोर्ट का त्वरित फैसला
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय SPL/ASJ/POCSO-2, गोरखपुर में हुई। अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसे अदालत ने पूरी तरह से स्वीकार किया।
कोर्ट ने आकाश चौरसिया को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 वर्ष की कठोर जेल की सज़ा और ₹39,000 का आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में साफ कहा कि ऐसे अपराध समाज और कानून के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध हैं, और दोषी किसी भी तरह की रियायत का हकदार नहीं है।
न्यायिक प्रक्रिया में दिखाई गई यह तेज़ी ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की रणनीति का परिणाम है, जिसके तहत पुलिस जांच और कोर्ट में पैरवी को मजबूत किया जाता है, ताकि गंभीर अपराधों में पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। यह फैसला उन सभी अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है, जो मासूमों की इज़्ज़त से खिलवाड़ करते हैं।
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