गोरखपुर ग्रामीण
बेसहारा लोगों की मदद करने से मन को मिलती है शांति: उमेश कुमार यादव
गोरखपुर ग्रामीण
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः। न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥ इस श्लोक का अर्थ है: आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है ।
लेकिन अपनों से बिछड़ने का गम कभी कम नहीं होता। समय बीतने के साथ ही उनकी यादें ज़ेहन में हर वक्त तैरती रहती हैं। और यदि हमेशा के लिए माता-पिता का साया सर से उठ जाए तो इस दुख की पीड़ा सदैव बनी रहती है।

गोला क्षेत्र के गांव कोहना निवासी अराजनैतिक युवा शक्ति संगठन के उपाध्यक्ष उमेश कुमार यादव ने अपने पिता स्व. हरिवंश यादव की सातवीं पुण्यतिथि पर अपने भाई अजय यादव के द्वारा बेसहारा व अनाथ बच्चों को जरूरत की उपलब्ध कराकर अपने स्वर्गीय पिता को याद किया।इस बीच अजय यादव ने इन अनाथ बच्चों को भरपूर समय देते हुए भविष्य में हर सम्भव मदद करने की बात कही।जरूरत की वस्तुओं में कपड़े,फल, मिष्टान व कॉपी-किताब पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

क्षेत्र के मझगावां स्थित मां सरस्वती मातृत्व शिशु कल्याण केंद्र के अनाथ बच्चों को समय देने के पूर्व अजय यादव ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए सिद्धपीठ रामामऊ मठ के महंत बासदेव दास के सानिध्य में पूजन-अर्चन किया। और विभन्न प्रकार के औषधीय व छायादार वृक्षों का पौधरोपण किया।

पुर्वांचल भारत से दूरभाष पर हुई बात-चीत में उमेश कुमार यादव ने कहा कि गरीब, बेसहारा व अनाथ लोगों की मदद कर मन को असीम शांति का अनुभव होता है।हमारे स्वर्गीय हरिवंश यादव विशुद्ध किसान थे। वह जरूरतमंदों की मदद को सदैव आगे रहते थे।उनके आशीर्वाद व गरीबों की दुआओं के फलस्वरूप हम भी इस योग्य हैं कि जरूरतमन्दों की मदद के लिए सक्षम हैं।

इस अवसर पर घनश्याम कसौधन, नवनीत राय,राकेश यादव, धर्मेंद दुबे,राजकुमार हिंदुस्तानी ,डीएम यादव व मनीष कुमार उपस्थित रहे।

