उत्तर प्रदेश
बिना पुख्ता साक्ष्य जेल भेजने का आरोप: बांसगांव पुलिस पर सवाल, पीड़ित परिवार ने SSP से मांगा न्याय
बांसगांव पुलिस पर बिना साक्ष्य दो युवकों को जेल भेजने का आरोप, पीड़ित परिवार ने एसएसपी गोरखपुर से निष्पक्ष जांच की मांग की।
गोरखपुर: बांसगांव थाना क्षेत्र के किशुनपुर बगही निवासी प्रवेश कुमार पांडेय ने बांसगांव पुलिस पर बिना ठोस साक्ष्य और समुचित जांच के दो युवकों को गंभीर धाराओं में जेल भेजने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से न्याय की गुहार लगाई है।
एसएसपी को दी गई शिकायत
प्रवेश कुमार पांडेय द्वारा एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उनके फूफा दयानंद तिवारी 15 जनवरी को प्रयागराज स्नान के लिए गए थे। उन्हें वापस लाने के उद्देश्य से शशांक शुक्ल उर्फ निखिल और सत्यम पांडेय 18 जनवरी को प्रयागराज पहुंचे।
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यात्रा और समय का पूरा विवरण
स्नान के उपरांत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सभी लोग 19 जनवरी को दोपहर लगभग दो बजे बोलेरो वाहन संख्या यूपी 57 एक्यू 9121 से बेलघाट, गोरखपुर के लिए रवाना हुए। रात करीब 8:30 बजे सभी लोग बेलघाट क्षेत्र के चाईपुर गांव पहुंचे। भोजन के बाद शशांक शुक्ल और सत्यम पांडेय रात करीब 11 बजे बांसगांव के लिए निकले और लगभग 12:30 बजे अपने घर पहुंच गए।
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पुलिस कार्रवाई पर सवाल
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने कथित घटना स्थल पर दोनों युवकों की मौजूदगी दर्शाते हुए बनावटी तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। परिजनों ने थानाध्यक्ष बांसगांव को वास्तविक तथ्यों से अवगत कराते हुए सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया, लेकिन बिना पर्याप्त जांच और साक्ष्य के दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी का बयान
इस संबंध में थाना प्रभारी बांसगांव जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है।
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