उत्तर प्रदेश
गोरखपुर में ऑपरेशन के बाद महिला सफाईकर्मी की संदिग्ध मौत, डॉक्टर पर हत्या का आरोप, हॉस्पिटल के सामने हंगामा और सड़क जाम
माल्हनपार, गोरखपुर।
गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र के माल्हनपार इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला सफाईकर्मी की ऑपरेशन के बाद संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की पहचान गीता देवी, निवासी उरुवा ब्लॉक में तैनात सफाईकर्मी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, गीता देवी का ऑपरेशन शहर के चन्द सेवा आश्रम अस्पताल में डॉक्टर मदनेश्वर चन्द द्वारा किया गया था। डॉक्टर ने परिजनों को बताया था कि गीता देवी की बच्चेदानी में ट्यूमर है और तुरंत ऑपरेशन जरूरी है। इसके लिए एक लाख रुपये का खर्च बताया गया, जिसमें से 30 हजार रुपये एडवांस के रूप में जमा भी कराए गए।
ऑपरेशन के बाद गीता देवी को चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा गया, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। जब परिजनों ने मरीज को घर ले जाने की बात कही, तो डॉक्टर ने इजाजत नहीं दी। इसके बाद 25 अक्टूबर की रात बिना बताए मरीज को शहर के एक अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां परिजनों ने 75 हजार रुपये और जमा किए।
हालात सुधारने के बजाय और भी खराब होते गए। डॉक्टर ने मरीज को लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 26 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे गीता देवी की मौत हो गई।
शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, सड़क जाम, डॉक्टर पर हत्या का आरोप
मौत की खबर सुनते ही गांव में मातम फैल गया। दोपहर करीब 3:30 बजे, परिजन शव को लेकर चंद्र सेवा अस्पताल के बाहर पहुंचे और सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने डॉक्टर मदनेश्वर चंद पर हत्या का आरोप लगाया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। गुस्साए लोगों ने डॉक्टर को घेर लिया, जिसके बाद बांसगांव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया और सड़क जाम हटाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात होते ही पुलिस ने शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
मौके पर पहुंचे खजनी एसडीएम राजेश प्रताप सिंह ने परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। वहीं सीओ बांसगांव अनुज कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि सीएमओ को अस्पताल और डॉक्टर की डिग्री की जांच के लिए पत्र लिखा गया है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बड़ा सवाल- लापरवाही या हत्या?
फिलहाल गीता देवी के शव का पोस्टमार्टम कर प्रशासन ने जांच बैठा दी है। लेकिन स्थानीय लोगों के मन में सवाल उठ रहा है-
क्या यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही थी या फिर जानबूझकर की गई लापरवाही से हुई मौत?
इसका जवाब तो जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
पूर्वांचल भारत न्यूज़ इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। जैसे ही कोई नई जानकारी सामने आती है, हम आपको तुरंत अपडेट करेंगे।
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