उत्तर प्रदेश
गोरखपुर पुलिस ने डाकघर के फर्जी एजेंट बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
गोरखपुर पुलिस ने संगठित अपराधों पर नकेल कसते हुए एक बड़ी ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने डाकघर के फर्जी एजेंट बनकर लोगों से ठगी करने वाले गैंग के लीडर सुमन देवी और उसके साथी शैलेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ठगी का तरीका:
पुलिस के अनुसार, सुमन देवी और शैलेंद्र कुमार ने एक संगठित गिरोह बनाया था, जो खुद को डाकघर का एजेंट बताकर भोले-भाले लोगों से पैसे लेता था। इन लोग आरोपियों ने पैसों को डाकघर में जमा करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया। जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगते, तो उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। इस गिरोह के आतंक से आम लोग डर के साए में जी रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर पुलिस द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी कैंट के मार्गदर्शन में थाना एम्स पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (मु0अ0सं0 292/25) के तहत कार्रवाई की।

गैंग का आपराधिक इतिहास:
- सुमन देवी के खिलाफ गोरखपुर के शाहपुर और एम्स थानों में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने के मामले शामिल हैं।
- शैलेंद्र कुमार के खिलाफ भी गोरखपुर में पांच मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ठगी, धमकी और जालसाजी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
पुलिस का संदेश:
गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को डाकघर या अन्य योजनाओं के नाम पर पैसे न दें। ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
गोरखपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से संगठित अपराधों के खिलाफ एक ठोस कदम उठाया गया है, और इससे जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
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