उत्तर प्रदेश
प्रदेश में मंत्रियों, सांसदों व विधायकों के रिश्तेदार नहीं लड़ सकेंगे पंचायती चुनाव
लखनऊ:शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सरकार और संगठन के बीच यह निर्णय लिया गया कि आगामी पंचायत चुनाव में किसी भी मंत्री,सांसद या विधायक का रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ेंगे।राजनीति में परिवारवाद को खत्म करने को लेकर यह निर्णय लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियां अब तेज हो गई हैं।सभी राजनीतिक दलों में इस चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ गई है।पंचायत चुनाव के सम्भावित प्रत्याशी भी अभी से गुना गणित बैठा कर मतदाताओं को रिझाने लगे है।इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि प्रदेश में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के रिश्तेदार पंचायत चुनाव नहीं लड़ेंगे।शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सरकार और संगठन के बीच ये एलान कर दिया गया है कि सभी मंत्रियों के रिश्तेदार या घर परिवार को कोई भी सदस्य पंचायत चुनाव नहीं लड़ेगा।सीएम योगी ने कहा कि राजनीति में परिवारवाद को खत्म करने के लिए संगठन के साथ मिलकर ये फैसला लिया गया है।पार्टी की ओर से साफ कहा गया है कि सिर्फ कार्यकर्ताओं को चुनाव में टिकट दिया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता भी तय की जाएगी।इसे लेकर पंचायती राज एक्ट में संशोधन के लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
विधानसभा के अगले सत्र में पंचायती राज संशोधन कानून विधेयक पेश हो सकता है। जानकारों का कहना है बीजेपी ने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि वो विपक्षी दलों को परिवार के मुद्दे पर ही घेरती आई है। अब वो खुद इस जाल में नहीं फंसना चाहती।
