उत्तर प्रदेश
उरुवा के ग्राम पंचायत बेला बुजुर्ग में गोष्ठी का आयोजन कर किसानों को दी गयी जानकारी
गोरखपुर ग्रामीण
कृषि सूचना तंत्र के सुद्दीकरण एव कृषि जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन उरुवा क्षेत्र के बेला बुजुर्ग गांव में किया गया।

गोष्टी में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग,किसान सम्मान निधि आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्यान वैज्ञानिक डॉ एसपी सिंह ने कहा कि देश मे जिस हिसाब से जनसंख्या बढ़ रही है।उसी तरह खेती योग्य भूमि भी घटती जा रही है।पूरी जनसंख्या को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कृषि विभाग व सरकार की है।

कम लागत में अधिक उत्पादन करने के लिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग व उन्नतशील बीज का चुनाव जरूरी है। गेंहू की बुआई के लिए किसान hd 2967, pbw 723, hd 3086 के बीज का चयन कर प्रति एकड़ 52 किग्रा डीएपी, 84 किग्रा यूरिया,27 किग्रा पोटाश, 10 किग्रा जिंक व 2 बोरी जिप्सम का प्रयोग करके बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं।

पशुपालक वैज्ञानिक डॉ एसके सिंह ने कहा कि खेती व पशु एक दूसरे के पूरक हैं बिना खेती के पशुपालन सम्भव नहीं है।डॉ एसपी सिंह ने सन्तुलित पशुआहार समय से टीकाकरण, बीमारियों की पहचान व उनके इलाज पर उन्होंने किसानों से चर्चा कर सुझाव दिया।

पूर्व अपर जिला कृषि अधिकार रामआधार यादव ने सरकार की योजनाओं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, बीज अनुदान व कृषि निवेश की उपलब्धता के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम को जैविक वैज्ञानिक संजय पटेल, अमित पाण्डेय, बिरेन्द्र प्रजापति, नरसिंह, बृजेन्द्र, राजवंशी सिंह ने भी सम्बोधित किया।
सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सिद्धनाथ शुक्ला ने सभी आगन्तुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान लालचंद सिंह व संचालन पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी रामअधार यादव ने किया।
इस अवसर पर किसान कमलेश सिंह, हरिश्चन्द्र, अनिल मौर्य एवं भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

