गोरखपुर ग्रामीण
अगर आप भी यूपी में गाड़ी चलाते हैं। तो 31 जनवरी से पहले करा ले यह काम, नहीं तो भरना होगा भारी जुर्माना
लखनऊ
अगर आप भी अपनी गाडियों में क्रैश गार्ड (बंफर) लगाने के शौकीन है। और लगाकर सफर करते है तो यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। क्योंकि आने वाले 31जनवरी के बाद गाड़ियों में बंपर लगा कर या मोडिफाई करा के यूपी में कहीं भी गाड़ी चलाते हैं व पकड़े जाते है। तो उसके लिए भारी भरकम जुर्माना राशि भरने के लिए तैयार रहना होगा। जिसका असर सीधे आपके जेब पर पड़ेगा। हम आपको बता दें कि,उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों को 31 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर 31 जनवरी के बाद भी आपकी गाड़ी में क्रैश गार्ड (बंफर) या बुल बार लगा मिला तो आप से जुर्माने के रूप में 5 हजार रुपए वसूले जाएंगे। इस संबंध में परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने आदेश जारी किया है। और यूपी में जितने भी वाहन स्वामी है। अगर आप बंपर लगाने के शौकीन हैं तो कृपया करके 31 जनवरी से पहले हटा दे। जिससे किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
प्रदेश के जितने भी संभागीय परिवहन और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी है सबको निर्देश दे दिया गया है। और परिवहन आयुक्त धीरज साहू का कहना है। कि 1 फरवरी से जिस वाहन में क्रैश गार्ड या बुल बार लगा मिला, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत कार्रवाई करके 5 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि वाहन में क्रैश गार्ड या बुल बार वाहन मालिक खूबसूरती या दुर्घटना के दौरान गाड़ी को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए लगाते हैं। देखे तो इस तरह के बंपर लगाने से आए दिन घटना होती है। वाहन चालकों को बचने की बहुत कम उम्मीद होती है। क्योंकि गाड़ियों में लगे सेफ्टी फीचर आसानी से काम नहीं करते । एयर बैग खुलता ही नहीं है। जिससे दुर्घटना के चांस ज्यादा होते है।
-
ताज़ा ख़बर2 weeks ago40 दिन में गोमाता को राज्य माता घोषित करें, नहीं तो आंदोलन होगा… शंकराचार्य का योगी सरकार को अल्टीमेटम
-
दिल्ली3 weeks agoभारत वित्तीय सत्र: पहले बजट से लेकर आज तक का सफर; क्या 2026 के बजट में होगा बड़ा उलटफेर?
-
उत्तर प्रदेश3 weeks agoUP Cabinet Decision: यूपी के 15 लाख शिक्षकों व कर्मियों को बड़ी राहत, अब मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज
-
टॉप न्यूज़2 weeks agoUGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का अखिलेश यादव और मायावती ने किया समर्थन, फैसले को बताया न्यायोचित
